रायगढ़ की शांत फ़िजा मे घुल रहा अशांति का जहर…. पुलिस का नहीं रहा किसी को खौफ…रायगढ़ के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में खूनी झड़प, एक आरोपी गिरफ्तार, दोनों पक्षों पर FIR दर्ज…टी आई अमित शुक्ला पर टिकी सभी की निगाह… तेज तर्रार टी आई किस तरह की करते है इस मामले मे कार्यवाही….


रायगढ़।चक्रधरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हेमू कालाणी चौक पर 24 मई की रात एक हिंसक झगड़े ने सनसनी फैला दी। झगड़े के दौरान लोहे की रॉड से हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सज्जी फिलिप (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास और बलवा की गंभीर धाराओं में न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता बसंत दास (48 वर्ष) ने बताया कि उसके मित्र चंद्रजीत सिंह ने रात करीब 11:30 बजे फोन कर सूचना दी कि आमंत्रण होटल के सामने स्थित जमुनाईन चौक पर कुछ युवक विवाद कर रहे हैं। जब वह राजेंद्र ठाकुर और शिव पांडे के साथ मौके पर पहुंचा, तो देखा कि युवक चंद्रजीत से झगड़ रहे थे। बीच-बचाव करने की कोशिश में बसंत को गालियां दी गईं और फिर लोहे की रॉड से उसकी आंख के ऊपर हमला किया गया।
घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान सुमित इजारदादर (विजयपुर), गौरव साहू और हर्षदीप सिंह (बेलादुला) के रूप में हुई है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 216/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हत्या के प्रयास व बलवा से संबंधित धाराएं 109(1), 190, 190(2), और 190(3) भी जोड़ी गईं।
थाना प्रभारी निरीक्षक अमित शुक्ला के नेतृत्व में टीम ने सज्जी फिलिप को पकड़कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पूछताछ में उसने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
इस मामले में दूसरे पक्ष से पास्कल तिर्की (निवासी आईटीआई कॉलोनी) ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि 25 मई की रात 11:30 बजे वह लामीदरहा गांव से लौट रहा था, तभी विजयपुर पेट्रोल पंप के पास कुछ युवकों ने उसे गालियां दीं और हमला कर दिया। उसके गले से सोने की चेन भी छीन ली गई। इस आधार पर पुलिस ने दूसरी FIR में SC/ST नृशंसता निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) सहित BNS की कई धाराओं 118(1), 126(2), 190, 191(2), 191(3), 296, 351(3) के तहत केस दर्ज किया है ।यहाँ यह बताना लाजिमी होगा की पत्रकारों के साथ जूट मिल थाने के पास अभद्र व्यवहार करने वाले चंद्रजीत को क्यों बख्शा जा रहा है….कुल मिलाकर रायगढ़ की शांत फ़िजा मे अशांति का जहर पूरी तरह घुल चुका है। पुलिस को थोड़ा सक्रिय होना पड़ेगा ताकि असमाजिक तत्वों पर लगाम कसा जा सके।
