रिजर्व फारेस्ट को मज़ाक बनाने वाले नानक बंसल मुकेश बंसल और फारेस्ट विभाग पर क्या कभी नहीं होंगी कार्यवाही???? नियम कानून सभी के लिए एक समान है !!! क्या धनबल नियम कानूनों को फ्लेक्सीबल कर देता है!!!!! जांजगीर चाम्पा DFO का लाजिक किसी के भी पल्ले नहीं पड़ा !!!! यूजर चार्ज सडक का !!!!!! DFO पर कोई दबाव है या फिर कुछ और !!!!! आखिर बंसल बंधुओ को वन विभाग इतना अभयदान क्यों दे रही है !!!!! रिजर्व फारेस्ट को भी मज़ाक बना लिया है बंसल बंधुओ नें !!!!!! यूजर फीस ग्राम सभा की सड़क का बहाना कब तक बनाएगा जाजगीर चाम्पा वन विभाग !!!!! नानक बंसल और मुकेश बंसल नें रिजर्व फारेस्ट मे घुसकर अवैध निर्माण किया जो की एक क्राइम है फिर भी जांजगीर चाम्पा DFO उन्हें दे रहे है क्लीन चीट!!!!!!. अगर बंसल बंधु नें सड़क का यूजर फीस पटाये है तो सड़क को खोदा क्यों गया!!!!!! ग्राम सभा से पास कराकर अपने रोड को ग्राम के रोड से जोड़े हुए थे !!!!! रिजर्व फारेस्ट मे जहा कोई बिना अनुमति घुस नहीं सकता वहां गुरु श्री मिनरल वाले सड़क कैसे बना लिए क्या फारेस्ट की मिली भगत से हुआ है सब !!!!! DFO नें यहाँ तक कहा की इसमे वन संरक्षण अधिनियम नहीं लगेगा क्योंकि ये रोड अपने से नहीं बना है ग्राम सभा का जो रोड दिया जाता है वो वाला रोड है!!!!!! DFO नें कहा कि ये रिजर्व फारेस्ट के अंतर्गत आता है पर नानक और मुकेश बंसल पर कोई भी कार्यवाही नहीं हो सकती क्योंकि उन्होंने यूजर फीस पटा दिया है!!!!
साकेत पाण्डेय..... 7869475276....

क्या जांजगीर चाम्पा फारेस्ट विभाग नें नानक बंसल और मुकेश बंसल के गुरु श्री मिनरल के लिए अलग से नियमे कानून बनाया हुआ है…. रिजर्व फारेस्ट मे घुसकर सडक बनाने वाले बंसल बंधुओ पर किसका हाथ है या फिर कोई उपकृत का असर है !!!!! आम आदमी रिजर्व फारेस्ट मे घुस नहीं सकता और सडक निर्माण के लिए इतने आदमियों को लेकर जाने पर वन विभाग नें कार्यवाही क्यों नहीं की !!!!!सडक यूजर चार्ज.. ग्राम सभा का अनुमोदन… ग्राम सभा की सड़क का हवाला दे रहे है जांजगीर चाम्पा DFO हिमांशु डोंगरे !!!!!! रिजर्व फारेस्ट के कानून से बड़ा हो गया ग्राम सभा !!!! इन सबके लिए जांच बहुत आवश्यक है…..

नानक बंसल और मुकेश बंसल नें रिजर्व फारेस्ट मे घुसकर अवैध निर्माण किया जो की एक क्राइम है फिर भी जांजगीर चाम्पा DFO उन्हें दे रहे है क्लीन चीट!!!!!!. अगर बंसल बंधु नें सड़क का यूजर फीस पटाये है तो सड़क को खोदा क्यों गया!!!!!! ग्राम सभा से पास कराकर अपने रोड को ग्राम के रोड से जोड़े हुए थे !!!!! रिजर्व फारेस्ट मे जहा कोई बिना अनुमति घुस नहीं सकता वहां गुरु श्री मिनरल वाले सड़क कैसे बना लिए क्या फारेस्ट की मिली भगत से हुआ है सब !!!!! DFO नें यहाँ तक कहा की इसमे वन संरक्षण अधिनियम नहीं लगेगा क्योंकि ये रोड अपने से नहीं बना है ग्राम सभा का जो रोड दिया जाता है वो वाला रोड है!!!!!! DFO नें कहा कि ये रिजर्व फारेस्ट के अंतर्गत आता है पर नानक और मुकेश बंसल पर कोई भी कार्यवाही नहीं हो सकती क्योंकि उन्होंने यूजर फीस पटा दिया है!!!!!

गजब का खेल है वन विभाग जांजगीर चाम्पा का रसूखदारों को अभयदान देने का सॉलिड रास्ता निकाला है!!!! सीधी सी बात है रिजर्व फारेस्ट पर जो अवैध निर्माण किया है उसको अवैध मानकर तोड़ दिए पर उस अवैध निर्माणकर्ता को बक्श दिए….

DFO जांजगीर चाम्पा नें एक शानदार नियम निकाला है वो यह कि आप रिजर्व फारेस्ट के अंतर्गत आने वाले किसी भी जगह का यूजर फीस पटा दो फिर अवैध निर्माण कर दो… रिजर्व फारेस्ट ऐसी संवेदनशील जगह होती है जहाँ कोई बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकता ऐसे मे गुरु श्री मिनरल के नानक और मुकेश बंसल नें वहां पर रोड का निर्माण कर उसका उपयोग भी चालू कर दिया… इसकी अगर शिकायत नहीं हुई होती तो वन विभाग जांजगीर चाम्पा नें इन्हे अभयदान तो दिया ही हुआ था….

जांजगीर चाम्पा DFO हिमांशु डोंगरे से मिली जानकारी के अनुसार बंसल बंधुओ नें सड़क का यूजर फीस पटाया है ये सडक ग्राम सभा कि सड़क थी… फारेस्ट के रोड को यूज करने का फीस पटाया गया है… ये सड़क ग्राम सभा से पारित सडक है… हालांकि ये क्षेत्र रिजर्व फारेस्ट के अंतर्गत आता है लेकिन इस अवैध निर्माण के लिए वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही नहीं हो सकती…DFO हिमांशु के इस कथन उपरांत तो नानक बंसल और मुकेश बंसल को क्लीन चीट मिल गई है….

क्या है मामला
प्रभागीय अधिकारी, जांजगीर-चांपा के इस दस्तावेज में छीतापंडरिया गांव में सार्वजनिक पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए पूर्व में जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को रद्द करने का विवरण दिया गया है।धारा 3(2) के तहत 0.360 हेक्टेयर वन भूमि के लिए जारी एनओसी मूल रूप से सार्वजनिक सड़क निर्माण के लिए थी।यह निरस्तीकरण बिलासपुर सर्कल के मुख्य वन संरक्षक द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान पाए गए इस तथ्य के कारण किया गया कि इस सड़क का उपयोग गुरु श्री मिनरल्स कंपनी द्वारा डोलोमाइट के अवैध परिवहन के लिए किया जा रहा था, जिसे गैरकानूनी माना गया। दस्तावेज़ में कलेक्टर और ब्लॉक विकास अधिकारी सहित विभिन्न अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सरपंच (ग्राम प्रधान) को सूचित किया जाए और यदि उक्त मार्ग पर कोई अवैध परिवहन जारी रहता है तो कानूनी कार्रवाई की जाए।छितापड़रिया ग्राम की आरक्षित वन भूमि पर गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्रा. लि. द्वारा अवैध रूप से खदान तक पहुंच मार्ग के नाम पर सड़क बनाई गई थी. इस अवैध निर्माण को वैध दिखाने के लिए सार्वजनिक उपयोग का हवाला देते हुए वन विभाग से अनुमति लेने का प्रयास किया गया था. हालांकि, जांच में सच्चाई सामने आने के बाद, वन विभाग ने 23 मई 2025 को दी गई अनापत्ति को रद्द कर दिया.
वनमंडलाधिकारी (DFO) जांजगीर-चांपा द्वारा जारी आदेश के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अवैध सड़क को पूरी तरह से खोद कर नष्ट कर अपने दायित्वों से इतिश्री कर लिया हालांकि.इस मामले ने भू-माफियाओं और कथित उद्योगपतियों के अवैध कृत्यों की परतें खोल दी हैं।
धारा 1980 के तहत होनी चाहिए कार्यवाही
संरक्षण अधिनियम 1980, जिसे अंग्रेजी में Forest Conservation Act 1980 कहा जाता है, भारत सरकार द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण कानून है जो वनों के संरक्षण और उससे संबंधित मामलों से संबंधित है।
इसका मुख्य उद्देश्य वनों की कटाई को रोकना और वन भूमि के गैर-वन उपयोगों को विनियमित करना है।
इसका उद्देश्यः
वनों का संरक्षण करना, वनों की कटाई को रोकना, और गैर-वन उपयोगों के लिए वन भूमि के उपयोग को विनियमित करना।
क्या है प्रावधान….
वन भूमि को गैर-वन उपयोगों के लिए स्थानांतरित करने के लिए केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। वन भूमि का उपयोग केवल उन उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है जो राष्ट्रीय हित में हों…. वन भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए वनीकरण और पुनर्वनीकरण गतिविधियां अनिवार्य हैं। इस अधिनियम का उल्लंघन करने वालो पर अधिनियम के तहत दंड का भी प्राव है… जो वन विभाग नें बंसल बंधुओ पर अधिरोपित नहीं की।












