रुक्मणि विहार का नहीं होगा सीमांकन !!!!!! रसूखदारों की टोली का सामना नहीं कर पा रही हैँ जिला प्रशासन !!!!!. इसलिए यहाँ के 35/36 नंबर मे हो रही देरी !!!!!!!.रुक्मणि विहार का क्यों नहीं हो रहा सीमांकन…. पूरी सेटिंग करने का टाईम मिल गया रसूखदारों को…..रुक्मणि विहार को राजस्व विभाग नें दें दिया अभयदान !!!!!!! आखिर क्यों इस मामले मे ढिलाई कर रहा हैँ राजस्व विभाग !!!!!! ऊपर से लेकर नीचे तक यहा झोल पोल हैँ !!!!! फिर भी नहीं हो रहा हैँ सीमांकन !!!!!!!…..
साकेत पाण्डेय... 7869475276....


रुक्मणि विहार का सीमांकन नहीं हो पायेगा एसी खबर छन करवा रही हैँ रसूखदारों की टोली का सामना नहीं कर पाई जिला प्रशासन…. ऐसी खबर मिली हैँ कि रुक्मणि विहार को अभयदान दें दिया हैँ…. आर आई पटवारी सभी बूढ़ी माई मंदिर का सीमांकन किए लेकिन रुक्मणि विहार के पास आकर इनकी सुई अटक गई हैँ……

रुक्मणि विहार के रसूखदारों से क्या हार गया जिला प्रशासन !!!!!!!! आखिर क्यों नहीं हो रहा हैँ रुक्मणि विहार पर का सीमांकन ??????? क्या पूरा मौका दिया जा रहा हैँ यहाँ के रसूखदारों को ????

कब होगा रुक्मणि विहार के 36 और 37 नंबर का सीमांकन….. क्यों दिया रुक्मणि विहार वालों को रास्ता…..क्या राजस्व विभाग मौका दें रही है रुक्मणि विहार के रसूखदारों को… अब तो भागवद भी खत्म हो गया बूढ़ी माई ट्रस्ट के पदाधिकारियो….. अब तो आ जाओ मैदान मे…. जब तक दबाव नहीं बनाओगे कुछ नहीं होगा…. राजस्व विभाग तीन दिन का समय मांगे थे आज 13 दिन से ऊपर हो गया…. कोई कार्यवाही नहीं हो रही है….. रुक्मणि विहार के रसूखदारों को दिया जा रहा है पूरा मौका……

नगर देवी बूढ़ी माई के ट्रस्ट के जमीन मे रुक्मणि विहार वालों को आपसी बातचीत मे रास्ता देना तय हुआ तो वो सब लिखा पढ़ी मे है… वर्तमान मे सीमांकन के दौरान रुक्मणि विहार के किसी सेठ द्वारा आपत्ति करने मे ये बात सामने आई थीं अब तो बात यहाँ तक आ गई है की सीमांकन के बाद रास्ता भी बंद किया जायेगा…. सीमांकन मे 36 और 37 नंबर मे कुछ परेशानी आ रही थीं उसके लिए राजस्व विभाग नें तीन चार

दिन का समय माँगा…. ट्रस्ट वालो नें उन्हें पूरा समय दिया… भागवद की वजह से इन्हे भरपूर समय मिल गया। रुक्मणि विहार के रसूकदार ओनर अब तक तो सभी प्रकार का खेल कर दिए होंगे… बड़े मुश्किल से यहाँ पर सीमांकन का काम चालू हुआ था सब धरा का धरा रहा गया। बूढ़ी माई मंदिर का भागवद अब समाप्त हो गया है दुगुने उत्साह के साथ अब बचे हुए सीमांकन मे भिड़ना चाहिए।


क्यों नहीं हुई कार्यवाही…..
बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट मे जब इतना अतिक्रमण हो गया तब क्या ट्रस्ट के लोग सो रहे थे। शहर मे कही भी कुछ भी होता है तो ये सब पहुँच जाते है.. अपने ही ट्रस्ट मे चौतरफा

अतिक्रमण हुआ तब आवाज क्यों नहीं उठाये… किस नियम के तहत रुक्मणि विहार को रास्ता दिया गया। वो भी शोध का विषय है। कितने ही ट्रस्टी आये अध्यक्ष बदले क्या इनका

दायित्व नहीं बनता कि यहाँ का अतिक्रमण किया हुआ जमीन वापस लाया जाए। वर्तमान मे देवेंद्र पाण्डेय… ओम पटेल और उनकी टीम अच्छा काम कर रही है पर उन्हें RI पटवारी सब उलझा रहे है। रुक्मणि विहार मामले मे तो और भी नया नया नियम देखने को मिल रहा है….













