जिंदल आशा के विशेष खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम — पांचवीं पैरा इंडिया ताइक्वांडो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक रजत एवं दो कांस्य पदक; जिंदल आशा के प्रशिक्षण की बदौलत अब विश्व प्रतियोगिता में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व..
साकेत पाण्डेय... 7869475276


रायगढ़. जिंदल फाउंडेशन के माध्यम से संचालित जिंदल आशा ने एक बार फिर विशेष बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है। जिंदल आशा के खिलाड़ियों ने महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित पांचवीं पैरा इंडिया ताइक्वांडो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक रजत एवं दो कांस्य पदक जीतकर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और जिंदल आशा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 80 पैरा खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जिंदल आशा के खिलाड़ियों ने लगातार तीसरी बार अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अफरोज खान ने रजत पदक, जबकि सीतेश चौहान एवं दीपक चौहान ने कांस्य पदक जीतकर यह साबित किया कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर विशेष बच्चे किसी भी मंच पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर सकते हैं। पैरा ताइक्वांडो रायगढ़ के कोच मोहन आदित्य ने बताया कि खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन आगामी विश्व पैरा ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने हेतु किया जाएगा। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों की मेहनत, बल्कि जिंदल आशा द्वारा वर्षों से दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और निरंतर प्रोत्साहन का भी परिणाम है।
श्रीमती शालू जिंदल के मार्गदर्शन में संचालित जिंदल आशा विशेष बच्चों के समग्र विकास के लिए समर्पित एक अग्रणी संस्थान है। यहां बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं की पहचान कर उन्हें खेल, शिक्षा, कला एवं कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के माध्यम से व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। संस्थान का उद्देश्य विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए सक्षम बनाना है। जिंदल आशा के विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार

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