प्रमोद सागर और युवा पत्रकार दीपक अरुण और अमन ने नाबालिग लड़की की मदद की और उसे उचित कार्यवाही के लिए संस्था भेजा…..
प्रमोद सागर को तो सोशल पुलिसिंग के लिए जाना जाता है दीपक ने भी निभाया पत्रकारिता धर्म...


साकेत पाण्डेय… 7869475276
रायगढ़.. कहते है पुलिस और पत्रकार की जुगलबंदी का कोई सानी नहीं। दोनों ही एक दूसरे के पूरक है दोनों ही अगर अपना सामाजिक कर्तव्य निभाए तो समाज में कुछ भी अनिष्ठ होने से कुछ हद तक बच सकता है। आये दिन बहन बेटियों के साथ अनहोनी हो रही है। इसी श्रृंखला में आज प्रमोद सागर और पत्रकार दीपक अरुण और अमन ने अपना सामाजिक उत्तरदायित्व निभाया।
आज शाम करीब सात बजे जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत प्रमोद सागर अपने ऑफिस से निकल रहे थे तब उन्हें पास के ही होटल के समीप एक नाबालिग बच्ची दिखी। प्रमोद सागर के साथ उस वक्त युवा पत्रकार दीपक अरुण और अमन भी थे। दोनों ने नाबालिग से जानकारी ली तो पता चला की वो तमनार की है घर से भागी है। उसके बाद दीपक और प्रमोद सागर ने तमनार थाने फोन करके जानकारी ली। तो पता चला की वाक्या सही है। उसके बाद तमनार टी आई ने कल बच्ची को ले जाने की बात कही। तब दोनों ने पेट्रोलिंग को बुलाकर बच्ची को उनके सुपुर्द किया।
आज दोनों की सजगता से किसी की बेटी बहन महफूज़ हो गई। प्रमोद सागर और पत्रकार दीपक को न्यूज ऑफ़ मिरर का साधुवाद।







