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प्रशंसा ने बचपन में देखा पायलट बनने का सपना. कठिन परिश्रम और माता पिता के सपोर्ट से हासिल किया मुकाम… मात्र 21 वर्ष की आयु में प्रशंसा बनी जिले की पहली महिला गर्ल पायलट… माता डा ज्योत्सना और पिता डा पवन अग्रवाल ने प्रशंसा का किया सपोर्ट रायगढ़ से न्यूजीलैंड और अबू धाबी पहुंचने तक… अपनी ग्रुप में 24 लोगों के बीच पूरे भारत में केवल एक ही गर्ल पायलट का हुआ है चयन वो है रायगढ़ की होनहार बिटिया प्रशंसा का..अग्र समाज की है गौरव…

साकेत पाण्डेय... 7869475276....

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News of Mirror

“” तू थककर ना बैठ. तेरी उड़ान अभी बाकी है
जमीन खत्म हुई तो क्या आसमान अभी बाकी है “”

ये सम्पूर्ण लाइन रायगढ़ सिटी हॉस्पिटल के ख्यातिलब्ध चिकित्सक डा ज्योत्सना अग्रवाल और डा पवन अग्रवाल की होनहार प्रतिभाशाली बिटिया प्रशंसा अग्रवाल पर फिट बैठती है। बचपन में प्लेन को उड़ते देख डा दम्पत्ति की इस होनहार बिटिया ने पायलट बनने का सपना देखा जिसे उसने कठिन परिश्रम से पूरा भी किया। अपने लक्ष्य को अर्जुन की मानिंद ध्यान में रखकर तैयारी कर आज रायगढ़ की बिटिया प्रशंसा ने पायलट बनने का गौरव प्राप्त कर अपने परिवार का नाम रायगढ़ छत्तीसगढ़ में ही नहीं वरन पूरे भारत में रोशन किया है।


25 जुलाई 2002 में डा ज्योत्सना अग्रवाल और डा पवन अग्रवाल की सुपुत्री का जन्म बिलासपुर में हुआ था। शिक्षा दीक्षा रायगढ़ से ही संपन्न हुई। प्रारम्भिक शिक्षा गार्जियन एन्ड गाइड स्कूल उसके बाद कक्षा पहली से दसवीं तक कार्मेल स्कूल उसके बाद ग्यारहवी बारहवीं की पढ़ाई ओ पी जिंदल स्कूल से पूरी की। प्रशंसा को बचपन से ही पायलट बनना था तो अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य को केंद्रित करके आगे बढ़ी। माता पिता के साथ भाई डा पलक अग्रवाल ने भी पायलट बनने में साथ दिया। परिवार के सम्पूर्ण सहयोग से प्रशंसा ने पायलट लोगों से सम्पर्क कर उनसे जानकारी ली सभी से विस्तृत बात की इस क्षेत्र की जानकारी ली। नेट में जो भी आवश्यकता है उसे सर्च कर आगे बढ़ी।

पायलट बनने की बहुत मेहनत

प्रशंसा ने बताया की पायलट बनने के लिए क्लास के बाद वो सात से आठ घंटे पढ़ाई करती थीं। पायलट ट्रेनिंग के लिए ग्राउंड क्लासेस की कोचिंग दिल्ली से ली। पायलट में चयन से पहले ग्राउंड क्लासेस, नेवीगेशन, मिटेरियोलॉजी एयर रेग्युलेशन को कठिन परिश्रम से प्रथम प्रयास में ही पास किया। रेडियो टेलीफोनिक एक्जाम कोलकत्ता से पास किया। इंडिगो में पायलट के चयन के लिए कठोर प्रतियोगिताये पास की। प्रशंसा ने अपने परिवार के सपोर्ट और अपने लगन और कठिन परिश्रम से ये सफलता प्राप्त की।

24 पायलट में पूरे ग्रुप से अकेली गर्ल पायलट प्रशंसा हुई चायनित

इंडिगो में पायलट के लिए कठोर मंजिल पार की प्रशंसा ने, सभी प्रतियोगिता पास कर पूरे ग्रुप में चयनित 24 पायलट में अकेली महिला पायलट के रूप में प्रशंसा का चयन हुआ जो अपने आप में इतिहास बन गया है। प्रशंसा की इस उपलब्धि से रायगढ़ का नाम पूरे भारत में रोशन हुआ है।

न्यूजीलैंड और अबुधाबी होंगी ट्रेनिंग

रायगढ़ की बेटी प्रशंसा ने अपने कठिन परिश्रम और परिवार के सहयोग से रायगढ़ से न्यूजीलैंड और अबुधाबी की मंजिल तय की। प्रशंसा दो दिन बाद फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए ( एक वर्ष तक )न्यूजीलैंड रवाना होंगी तत्पश्चात इंडिगो द्वारा एयर बस A – 320 की ट्रेनिंग के लिए अबुधाबी रवाना होकर पायलट के रूप में नई पारी की शुरुवात करेंगी।

किक बास्किंग और संगीत में है दक्ष

प्रशंसा ने बताया की वो सिंगिंग बहुत अच्छा करती है साथ ही क्लासिकल नृत्य में भी पारंगत है। इसके अलावा प्यानो भी बजाती है। इन सबके अलावा प्रशंसा किक बास्किंग की बेहद शानदार खिलाडी है।
प्रशंसा ने युवाओं को सन्देश में कहा की युवा अपना लक्ष्य निर्धारण करें जो भी नेगेटिव बात करें की आप ये नहीं कर सकते उसे मत सुने अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसी पर आगे बढे। आपके सच्चे साथी आपके अभिभावक ही है उनकी सुने और अपने सपनो को साकार करने में कोई भी कसर ना छोड़े।


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