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रामकुमार राठिया का कोई कनेक्शन है भी या नहीं वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के टर्निंग के पांच दुकान के अवैध निर्माण वाले मामले में…. सरकारी दस्तावेजों में ही रामकुमार राठिया का अस्तितव उसके पिता के नाम के साथ और कोटमार निवासी के रूप में है….. टुकड़ो टुकड़ो में लगभग डेढ़ एकड़ जमीन खरीद लिया है रामकुमार ने…. इसका मोबाईल नंबर पता कुछ भी स्पष्ट ढंग से नहीं है…. एक जगह इसका नंबर भी अंकित है तो वो नंबर बहुत बड़े रसूखदार कालोनाइजर का है…. आखिर जिला प्रशासन इन सबकी जाँच क्यों नहीं करवाता…..

साकेत पाण्डेय...... 7869475276.....

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News of Mirror

 

रामकुमार राठिया कौन है यह एक यक्ष प्रश्न बन चुका है वी आई पी सिटी कालोनी से लगे मेडिकल कॉलेज मुख्य मार्ग से लगे टर्निंग में बने पांच अवैध दुकान निर्माण वाले मामले में। इस दुकान की ग्राम पंचायत से स्वीकृति भी नहीं ली गई है। खसरा नंबर हल्का या किसी भी सरकारी दस्तावेज में रामकुमार राठिया पिता सुकरू राम राठिया निवासी कोटमार के अलावा कोई भी उल्लेख नहीं है। एक जगह तो इसका मोबाईल नंबर उल्लेखित है उस नंबर को डायल करने पर वो एक बड़े कालोनाइजर का नम्बर शो करता है। आखिर ये सब है क्या। या तो जिला प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है या फिर पूरा का पूरा झोल झाल है। रामकुमार राठिया ने टुकड़ो टुकडो में लगभग डेढ़ एकड़ भूमि खरीदी है। जो की संभव ही नहीं है। इस मामले की जिला प्रशासन तह तक जाँच कराये तो इनका कई चौकाने वाले मामले उजागर होंगे

आखिर कौन है वो शख्स जो इस जगह पर आलीशान दुकाने बनवा रहा है…. क्योंकि जिसकी जमीन पर ये कंस्ट्रकशन हो रहा है उसका नाम रामकुमार राठिया है उसके जमीन का नंबर 117/2 है। सूत्रों की मानें तो इस जमीन के मालिक की माली हालत अच्छी नहीं है इसके बावजूद वो पांच दुकान का निर्माण करवा रहा है। अब इसके पीछे किसका हाथ है एक दुकान की कीमत लगभग 20 लाख रूपये आँकी गई है यहाँ के तथाकथित कालोनाइजर द्वारा। तीन बड़ी और दो छोटी दुकाने यहाँ पर निर्माणाधीन है। वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के बायी ओर यह कारनामा बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना निर्माणाधीन है। अब तो जिला प्रशासन इसमें कार्यवाही कर ही सकती है। पटवारी तुलसी रात्रे ने उक्त जानकारी देते हुए यह भी बताया की ग्राम पंचायत की अनुमति का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये है। उस मायने में यह निर्माण स्वतः अवैध की श्रेणी में आ जाता है।

 

वी आई पी कॉलोनी के इंट्रेन्स के बगल में मुख्य मार्ग से लगे जिस जगह पर दुकान का अवैध निर्माण हो रहा उसकी कोई भी परमिशन ग्राम पंचायत बड़े अतरमुड़ा से नहीं ली गई है। सरपंच हीरा लाल खड़िया से जब न्यूज ऑफ़ मिरर ने बात की तो उनका कहना था की हमसे इस बाबत कोई भी परमिशन नहीं ली गई है। इससे स्पष्ट परिलक्षित है कि जो भी यहाँ पर निर्माण कार्य कर रहा है वो अवैध है। इसी तरह अन्य जगहों पर भी यही काला खेल चल रहा है।

 

सूत्रों कि माने तो मेडिकल कॉलेज मार्ग.. शेमरोक मैरिज गार्डन के सामने वीआई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के पास जो दुकाने बन रही है उनकी सेलिंग वैल्यू लगभग 20 लाख आँकी गई है यही वजह है है की इस गोरखधंधे में सभी लिप्त होना चाहते है…प्रशासनिक अधिकारी इस वजह से कार्यवाही नहीं करते क्योंकि उनका हिस्सा उनके पास आसानी से पहुँच जाता है। एक दुकान अगर बीस लाख में बिकेगी तो कौन नहीं चाहेगा यहाँ बिना अनुमति अवैध निर्माण करना….अतर मुड़ा टीवी मेडिकल कॉलेज मार्ग टी वी टावर का क्षेत्र ऐसा है जहाँ पर प्रशासनिक उदासीनता के चलते भू माफियाओ के हौसले और भी बुलंद हो रहे है। कही पर भी ये लोग निर्माण कार्य करके किराये का खेल करने में माहिर हो रहे है।

स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी के संज्ञान में उक्त दोनों मामलो की जानकारी उन्हें दी गई है उनका कहना है की दीपावली के बाद जाँच कराएँगे और अवैध पाए जाने ओर कार्यवाही भी ताबड़तोड़ होंगी। इधर वी आई पी सिटी के डायरेक्टर प्रमोद अग्रवाल भी न्यूज ऑफ़ मिरर में खबर लगने के उपरांत अवैध निर्माण स्थल पर पहुंचे और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मिली जानकारी के अनुसार वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के पास सड़क की जमीन पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से प्रारम्भ है नगर निगम और जिला प्रशासन इस मामले में कोई भी संज्ञान नहीं ले रहा है। अतरमुड़ा क्षेत्र में दुकान बनाने का ट्रेंड चल पड़ा है। आदिवासी जमीन, सड़क की जमीन, कोटवार की जमीन किसी भी जमीन को भूमाफिया नहीं बख्श रहे ह मामला है अतर मुड़ा मेडिकल कॉलेज मार्ग के वी आई पी सिटी के इंट्रेन्स के पास का है जो बहुत ही शानदार बन रहा है और उसके इंट्रेन्स के ठीक बाये साइड ये निर्माण कार्य हो रहा है। सूत्रों की माने तो इस जगह निर्माण कार्य की अनुमति भी नहीं ली गई है। दुकान खोलकर उसे किराये पर चलाने का इस क्षेत्र में नया ट्रेंड चल पड़ा है जिसका सभी पालन कर रहे है।अगर ये निर्माण कार्य अवैध हुए तो निगम और राजस्व विभाग को राजस्व की प्राप्ति हो जाएगी। अगर कोई भी कार्यवाही नहीं होती तो इनके हौंसले चरम प र पहुंच जायेंगे और यहाँ इस तरह के निर्माण की बाढ़ आ जाएगी। वैसे भी इस क्षेत्र में भू माफियाओ की गिद्ध नजर किसी भी जमीन को निगलने चौबीस में अड़तालीस घंटे कमर कसकर तैयार रहते है।


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