पुरानी हटरी के व्यवसाई पानी से है परेशान यदि शार्ट सर्किट या किसी अनहोनी से आगजनी हुई तो पूरा पुराना हटरी हो जायेगा स्वाहा… नगर निगम या कोई भी उद्योग यहाँ पर आग बुझाने मे होगा अक्षम…. कई मर्तबा खबर हो चुकी है प्रकाशित लेकिण नगर निगम नहीं करता कार्यवाही ……आधा दर्जन से अधिक कमिश्नर आकर चले गए लेकिन पुरानी हटरी का 36 दुकान 90 चबूतरे का कोई भी निराकारण नहीं कर पाए….सक्रिय सजग संवेदनशील नगर निगम आयुक्त बृजेश सर से है उम्मीदे….यहाँ अतिक्रमण के साथ दुकान के ऊपर घर भी बन गए है….नगर निगम के अधिकारियो के संरक्षण में हुआ. है आधे से अधिक निर्माण….. कोतवाली थाना के मार्ग… गद्दी चौक के मार्ग..मर्डर गली के तरफ से प्रवेश मार्ग पर जबरदस्त अतिक्रमण हुआ है…. अगर दुकानों का नाप जोग हो जाये तो निगम को लाखों रूपये का राजस्व प्राप्त होगा….
साकेत पाण्डेय..... 7869475276.....

नगर निगम क्षेत्र के पुरानी हटरी मे इन दिनों बारिश के पानी भरने से व्यवसाईं जबरदस्त परेशान है। यहाँ आफत तब आएगी जब किसी दुकान मे शार्ट सर्किट हो अन्य किसी कारणों से आगजनी होंगी। पूरा का पूरा मार्केट स्वाहा हो जायेगा। इसकी वजह यहाँ है कि यहाँ पर अग्निश्मन वाहन घुसने काम कोई रास्ता नहीं है। चारो तरफ दुकाने है इसमे घर भी बन गए है।
पुरानी हटरी का 36 दुकान 90 चबूतरा चढ़ गया भेंट अतिक्रमण के.. नगर निगम आज तलक बना हुआ है मूक दर्शक…
जिस हटरी में मेटाडोर घुसा करते थे वहाँ बाईक का घुसना हुआ दूभर.हर राजनैतिक रसूख वाले है इसलिए नहीं चली किसी भी कमिश्नर की… दुकान के ऊपर दो मंजिला घर ठोक के बैठे है…. दो तरफ से राशन दुकान वाले नगर निगम के कुछ भ्रष्ट अधिकारियो के साथ मिलकर यहाँ के सड़क तक को अपने दुकान के अंदर घुसा लिएशहर का रियासत्कालीन पुराना हटरी यहाँ के व्यवसाइयो के द्वारा किये गए अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। अपने दुकानों के ऊपर दो मंजिला घर आखिर किसके परमिशन में ठोके यहाँ के व्यवसाई ये जाँच का विषय है… 36 दुकान और 90 चबूतरों से सुसज्जित ये हटरी आज से चार दशक पूर्व कितना व्यवस्थित दिखता था। यहाँ इतनी जगह थीं की मेटाडोर यहाँ से अंदर प्रवेश करता था। आज एक बाईक घुसाने में हालत ख़राब हो जाती है। चौतरफ़ा अतिक्रमण की वजह से सड़क संकुचित हो गई है। कोतवाली तरफ से आप प्रवेश करेंगे तो प्रारम्भ का राशन दुकान पीछे से पूरा कब्जियाँ लिया है वहाँ से एक स्कूटी भी आप नहीं निकाल सकते। वही गद्दी चौक से घुसेंगे तब भी एक राशन दुकान स्वामी पूरे सड़क को अपने दुकान के अंदर ले गया है। नगर निगम के अधिकारी इस पर कभी भी कार्यवाही करने जहमत नहीं उठाते है।
शहर में अतिक्रमण कारियों के बुलंद हौसले से रिहायशी इलाके में व्यपाक रूप से कब्जा हो गया है। आलम यह है कि गली मोहल्ले के अलावा शहर के सबसे पुराने बाजार पुरानी हटरी में अब पसरे की जगह बहुमंजिला इमारत खड़ी हो चुकी है इससे इसका मूल स्वरूप ही बदल गया है।लोगो के जुबान में यही चर्चा है कि आखिर कहा गया 36 दुकान व 90 चबूतरा।

जानकारों के मुताबिक वर्षो पूर्व शहर में दो बाजार का ही अस्तित्व था जिसमें गांधी गंज ( मंगल बाजार) और पुरानी हटरी थी। लेकिन अब पुरानी हटरी में पसरा और दुकान की जगह बहुमंजिला इमारत व बड़ी-बड़ी दुकानें खुल चुकी है। मानो पुरानी हटरी को देखकर यह प्रतीत होता रहा है कि चंहुओर अतिक्रमण कारियों में एक तरह से होड़ मची हुई है कि कौन किससे ज्यादा भव्य दुकान बनाकर अपना व्यवसाय कर पाए।

पुरानी हटरी रियासतकालीन हाट बाजार था, यहां पर शहर का साग-भाजी,आलू-प्याज, किराना दुकान,सौंदर्य प्रसाधन, बर्तन से लेकर हर प्रकार का बाजार प्रतिदिन लगता था । लोग दूर-दूर से यहां हाट बाजार करने आते थे। यहां आने के लिए कोतवाली थाना,पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, कारगिल चौक,गद्दी चौक की तरफ से लोग पुरानी हटरी में आवागमन करते थे, आज से लगभग चार दशक पूर्व तक यहां ट्रैक्टर अंदर घुसता था लेकिन मौजूदा स्थिति में यहां दो बाइक एक साथ नहीं घुस सकते है। विडंबना यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों के गैर जिम्मेदार कार्यप्रणाली से अतिक्रमण कारियो के हौसले बुलंद हुए और यह बाजार गैर कानूनी तरीके से पसरा से बहुमंजिला दुकान बन गई है।
अब यहां दुकानदार तो दुकान का संचालन कर मदमस्त है लेकिन यहां आने जाने वाले लोग संकरे रास्ते से परेशान है।
गाहे-बगाहे अतिक्रमण हटाये जाने का जिन्न बोतल बंद से बाहर निकलता है परन्तु रसूख राजनीति के च-र मे निगम व जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी भी असक्षम साबित हुए है।
निगम प्रशासन की निष्क्रियता नियम कानून दरकिनार
पुरानी हटरी में कब्जा करने वाले लोग रसूखदार लोग है ये लोग निगम व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के गैर जिम्मेदार निष्क्रियता का लाभ उठाते हुए दुकान का स्वरूप बदल दिए है। नियम कानून पूरी तरह से दरकिनार हो गया है आलम यह है कि अब निगम प्रशासन व अन्य बड़े अधिकारी इन अतिक्रमणकारियों के गिरेबान तक पहुंचने के बजाए खामोसी की चादर ओढ़े बैठे है और फुटपाथ व अन्य स्थानों से बेजा कब्जा हटाकर वाहवाही ले रही है
कभी भी होंगी अप्रिय घटना तब ही खुलेगी जिला प्रशासन और नगर निगम की आँखे
लगभग दो वर्ष पहले ठंड के माह मे जब पूरा शहर नींद में था तब दो धमाके के साथ संजय काम्प्लेक्स आगजनी से धधक गया था। यह धमाका सिलेंडर फटने से हुआ था। नगर निगम से चंद कदमों की दूरी होने के बावजूद यह बाजार जलकर राख हो गया था। वही इस तरह की किसी भी स्थिति पुरानी हटरी में उतपन्ना होती है यहां राहत कार्य करना प्रशासनिक अमले के लिए काफी दि-त होगी। इससे यहां के व्यवसायी व प्रशासनिक अमला आम जनता भी भली भांति अवगत है।
कटरिया ने चौड़ीकरण करने दिखाई थी दिलचस्पी
विदित है कि जिले तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने इस जगह के चौड़ीकरण के लिये कमर कसी थी लेकिन कुछ कार्यवाही होती उससे पहले उनका ट्रांसफर हो गया तब से लेकर मौजूदा समय तक अधादर्जन कलेक्टर व निगम आयुक्त बदल गए लेकिन किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। शहर के वरिष्ठ व बुद्घजीवी वर्ग का मानना है कि ये मधुमक्खी का छत्ता है इसका दंश उल्टा होता है यही वजह है इस पर कोई भी करवाई नही होती है। यहां यह भी बताना लाजमी होगा कि शहर ने गौरवपथ व अन्य सड़को का चौड़ीकरण इन्ही के कार्यकाल में हुआ था आज भी उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यो को लोग भूले नही है।














