रायगढ़ की बेटी शालू अग्रवाल देगी चुनौती,बीजेपी के सबसे मजबूत पार्षद पद के दावेदार सुरेश गोयल को….. शालू बहुत ही व्यवहारकुशल और राजनीति को समझने वाली दावेदार है…. एन एस यू आई से जब कॉलेज चुनाव लड़ी थीं तब ए बी वी पी का खाता भी नहीं खुला था महिला कॉलेज मे….
साकेत पाण्डेय..... 7869475276.....

रायगढ़ की बेटी शालू अग्रवाल देगी चुनौती,बीजेपी के सबसे मजबूत पार्षद पद के दावेदार सुरेश गोयल को….. शालू बहुत ही व्यवहारकुशल और राजनीति को समझने वाली दावेदार है…. एन एस यू आई से जब कॉलेज चुनाव लड़ी थीं तब ए बी वी पी का खाता भी नहीं खुला था महिला कॉलेज मे….
शालू अग्रवाल रायगढ़ की राजनीति का जाना पहचाना चेहरा है। शालू कांग्रेस से वार्ड क्रमांक 19 जो की बहुत ही संवेदनशील वार्ड है वहा की कांग्रेस प्रत्याशी के रूप मे बीजेपी राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व नगर निगम सभापति सुरेश गोयल

को टक्कर देते इस चुनावी समर मे दिखाई देगी। दोनों ही पार्टी मे घमासान मचा था यहाँ के प्रत्याशी को लेकर लेकिन इस दौड़ मे बीजेपी से सुरेश गोयल ने और कांग्रेस से शालू ने बाजी मारी। अब देखना यह है की इस चुनावी घमासान मे जीत किसके कदम चूमती है।श
शहर की सबसे चर्चित सीट वार्ड नंबर 19 से कांग्रेस ने प्रत्याशी के रूप मे चुनावी घोषणा के बाद से ही शालू का नाम लोगों की जुबान पर था। इस पर अंततः कांग्रेस नेतृत्व ने मुहर लगाते हुए लिस्ट जारी कर दी। शालू एनएसयूआई के बैनर तले चुनाव लड़ कर गर्ल्स कॉलेज छात्र संघ की अध्यक्ष रह चुकी हैं। जब शालू लड़ी थी तो बीजेपी की छात्र इकाई एबीवीपी का खाता तक नहीं खुला था। कांग्रेस नेतृत्व ने पूर्व सभापति के खिलाफ इस युवा नेत्री को टिकट देकर इस वार्ड के चुनाव को भारी रोमांचक बना दिया है।

सबकी नजर अब इस चुनाव में रहेगी और कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। शालू लगातार सामाजिक गतिविधियों में अग्रसेन समाज के सभी कार्यक्रमों में सक्रिय रहती हैं। अग्रवाल सीट माने जाने वाली इस सीट में अग्र समाज के लोगों की बाहुल्यता बहुत ज्यादा है। शालू की सक्रियता अपने समाज और महिलाओं के काफी रहती है। शहर वासियों की नजर इस जोरदार चुनाव पर बनी रहेगी।












रायगढ़ की बेटी शालू अग्रवाल देगी चुनौती,बीजेपी के सबसे मजबूत पार्षद पद के दावेदार सुरेश गोयल को….. शालू बहुत ही व्यवहारकुशल और राजनीति को समझने वाली दावेदार है…. एन एस यू आई से जब कॉलेज चुनाव लड़ी थीं तब ए बी वी पी का खाता भी नहीं खुला था महिला कॉलेज मे….