बूढ़ी माई की ज़मीन — भक्त भूले, कब्जेदार झूमे!” 7 एकड़ 30 डिसमिल मंदिर ट्रस्ट की ज़मीन, 22 लोगों ने कब्ज़ा किया और प्रशासन ने “नींद”! 😴 सिद्धेश्वर नेत्रालय और अघरिया सदन बने “धर्मस्थल के व्यापारी”, भक्ति में लीन जनता, और कार्रवाई में लापता अधिकारी! कहते हैं — मंगलवार को हस्ताक्षर होंगे… पर देखना ये है कि पेन चलेगा या फिर फिर से दबाव जीतेगा! कलेक्टर साहब के राज में अब देखना — न्याय मिलेगा या फिर फाइलों में अगली दीपावली मनेगी! 🎇…… मंगलवार को हो सकता है बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट समिति के दस्तावेज मे हस्ताक्षर…. क्या तहसीलदार को है कोई दबाव…. टीम पूरी बन गई है सीमांकन के लिए —- देवेंद्र पाण्डेय…. कलेक्टर कार्तिकेय गोयल के कार्यकॉल मे मिलेगा बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन को न्याय….दीपावली के बाद होना था बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट के जमीन का सीमांकन…… क्या हो पायेगा सीमांकन या फिर आएगी कोई नई अड़चन…… सिद्देश्वर नेत्रालय. अघरिया सदन रुक्मणि विहार जैसे रसूखदार आएंगे इसकी जद मे……. पुराने आर आई पटवारी को छोड़ नये आर आई पटवारी की टीम जिला कलेक्टर को बनाने की है दरकार….अब आ गया समय न्याय का…..सिद्देश्वर नेत्रालय और अघरिया सदन का कब्ज़ा बूढी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर…. शान से और बेखौफ़ चल रहा है ये निजी अस्पताल और अघरिया सदन …. जिला प्रशासन के सुस्त कार्यप्रणाली का एक और नायाब उदाहरण…. लगभग दो वर्ष पहले हुआ था सीमांकन….बूढी माई मंदिर मंदिर ट्रस्ट के पास 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 22 लोगों ने कब्जा कर रखा है….इसकी पुष्टि भी हुई पर आज तलक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई…. जिला प्रशासन जनता को ये बताये की किस नियम के तहत ट्रस्ट की जमीन का खरीद फरोख्त कर या अतिक्रमण कर निजी अस्पताल अपना उल्लू सीधा कर रही है…..
साकेत पाण्डेय.....7869475276....


बूढ़ी माई मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र पाण्डेय नें NEWS OF MIRROR को बताया की शुक्रवार को तहसीलदार का हस्ताक्षर हो जाना था उन पर कोई दबाव है लग रहा है.. अब मंगलवार का वेट करना पड़ेगा…. टीम पूरी बन गई है… पुराने आर आई पटवारी को साथ लाएंगे तो वही घपला बाजी होगा इसलिए पूरी नई टीम लेकर यहाँ का सीमांकन किया जाए….
अब समय आ गया है बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की सम्पत्ति का न्याय दिलाने का। बूढ़ी माई मंदिर के ट्रस्टी देवेद्र पाण्डेय को आगे आने का। बहुत हो गया समय अब होना चाहिए केवल न्याय। बारिश का मौसम खत्म अब होना चाहिए सीमांकन। सिद्देश्वर नेत्रालय.. अघरिया सदन… बड़े पान मसाला… कोतरा थाने की जमीन… समेत सभी का सीमांकन हो ताकि पता चले की कौन कितनी खरीद फरोख्त किया है.. पुराने किसी भी आर आई पटवारी को ना बुलाकर नये आर आई पटवारी को बुलाना चाहिए जिससे वाकई मे बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन के साथ न्याय हो पायेगा।
सिद्देश्वर नेत्रालय और अघरिया सदन का कब्ज़ा बूढी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर…. शान से और बेखौफ़ चल रहा है ये निजी अस्पताल और अघरिया सदन …. जिला प्रशासन के सुस्त कार्यप्रणाली का एक और नायाब उदाहरण…. लगभग दो वर्ष पहले हुआ था सीमांकन….बूढी माई मंदिर मंदिर ट्रस्ट के पास 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 22 लोगों ने कब्जा कर रखा है….इसकी पुष्टि भी हुई पर आज तलक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई…. जिला प्रशासन जनता को ये बताये की किस नियम के तहत ट्रस्ट की जमीन का खरीद फरोख्त कर या अतिक्रमण कर निजी अस्पताल अपना उल्लू सीधा कर रही है…..
कोतरा रोड थाने के ठीक बगल मे सिद्देश्वर नेत्रालय और अघरिया सदन है

जानकारी के अनुसार इसका कुछ भाग और बाउंड्रीवाल बूढी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर बना है। आज से लगभग दो वर्ष पूर्व इसके सीमांकन की मांग जोर शोर से उठी थी

कोतरा रोड बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन का सीमांकन एक महीने तक चला । आरआई (राजस्व निरीक्षक) और पटवारी (भू अभिलेख अधिकारी) इसकी रिपोर्ट तहसीलदार (राजस्व अधिकारी) को सौंपें। ट्रस्ट की जमीन पर काबिज 22 लोगों को औपचारिक नोटिस जारी कर उपस्थित होने को कहा गया।
दोपहर 12 बजे के बाद इन लोगों के वहां मौजूद होने पर सीमांकन शुरू हुआ। ट्रस्ट की जमीन के बड़े हिस्से में नगर निगम का गार्डन, रुक्मणी विहार कॉलोनी की सड़क, सिद्देश्वर अस्पताल और अघरिया सदन का हिस्सा है और ओवरब्रिज से रेलवे क्रॉसिंग के बीच 20 झोपड़ियां बनी हैं।

मंगलवार को जब आरआई और पटवारियों की टीम सीमांकन करने पहुंची तो उन्होंने पंचनामा रिपोर्ट में ट्रस्ट की जमीन पर पिछले मामलों और वैध रिकॉर्ड का जिक्र किया। उन्हें इसे भी पंचनामा में शामिल करने को कहा गया, लेकिन आरआई और पटवारी ने कहा कि वे इसकी विस्तृत रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपेंगे। मंदिर ट्रस्ट के पास 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 22 लोगों ने कब्जा कर रखा है।
22 लोगों मे निजी अस्पताल और अघरिया सदन भी है शामिल
इन 22 लोगों मे ये नेत्रालय भी शामिल है। राजनैतिक रसूख होने की वजह से इस नेत्रालय और अघरिया सदन का बाल बांका नहीं हो पाया। आखिर कौन से नियम के तहत ये मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर काबिज है इस नियम को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि बेघर लोगों का भला हो सके।
राजस्व विभाग और निगम आयुक्त से शहर की जनता को है बड़ी उम्मीदें..
इन दिनों राजस्व विभाग और निगम आयुक्त अपनी टीम के साथ बहुत ही ज्यादा सक्रिय है ऊपर से उन्हें युवा संवेदनशील कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का साथ मिला है। शहर की जनता चाहती है की बूढी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन को इन नेत्रालय और अघरिया सदन के चंगुल से आजाद कराया जाए। प्रशासनिक विभाग चाहे तो यह कार्य आसानी से हो सकता है क्योंकि इस क्षेत्र का सीमांकन भी हो चुका है।













