दो कुख्यात कालोनाइजरो के दबाव मे जिला प्रशासन !!!!! नहीं होती कोई भी कार्यवाही !!!!!! कलेक्टर सर ही कार्यवाही कर सकते हैं और किसी और के बस की बात नहीं है !!!!!!! गडुमरिया मे तालाब पाटकर कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजर पर क्यों मेहरबान हैं जिला प्रशासन !!!!!! बाउंड्रीवाल भी हो गया चारो तरफ मोटी पक्की सड़क भी बन गई !!!!!!! सिंगल.पप्पू का कारनामा और जिला प्रशासन दबाव मे !!!!!!!! आर आर एनर्जी के पास तालाब को पाटकर शहर के दो बड़े कॉलोनाइजर नें प्लॉट काटकर बेच दिया !!!!!! जिला प्रशासन कोई भी पहल नहीं करता इसके लिए इनके हौंसले इतने बढ़ गए हैं !!!!! राजस्व विभाग का संरक्षण प्राप्त हैं इन्हे !!!!!!! दोनों सत्ता पक्ष से जुड़े कॉलोनाइजर हैं इन्हे किसी का भी कोई खौफ नहीं !!!!! रसूख.. धनबल.. पहुँच के दम पर अपना काम मिंनटो मे करवा लेते हैं !!!!!!! क्या हर तीसरे मैटर मे इन्ही की संलिप्तता हैं??????? सुप्रीम कोर्ट के आदेश की रायगढ़ मे उड़ रही धज्जियाँ !!!!!!!!
साकेत पाण्डेय.... 7869475276...


आर आर एनर्जी के पास तालाब को पाटकर शहर के दो बड़े कॉलोनाइजर नें प्लॉट काटकर बेच दिया !!!!!! जिला प्रशासन कोई भी पहल नहीं करता इसके लिए इनके हौंसले इतने बढ़ गए हैं !!!!! राजस्व विभाग का संरक्षण प्राप्त हैं इन्हे !!!!!!! दोनों सत्ता पक्ष से जुड़े कॉलोनाइजर हैं इन्हे किसी का भी कोई खौफ नहीं !!!!! रसूख.. धनबल.. पहुँच के दम पर अपना काम मिंनटो मे करवा लेते हैं !!!!!!! क्या हर तीसरे मैटर मे इन्ही की संलिप्तता हैं??????? सुप्रीम कोर्ट के आदेश की रायगढ़ मे उड़ रही धज्जियाँ !!!!!!!!

माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश था

सुप्रीम कोर्ट ने हिंचलाल तिवारी बनाम कमला देवी (2001) मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया कि तालाब, पोखर और सार्वजनिक जल निकायों का निजीकरण या गैर-कानूनी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इन्हें पर्यावरण के लिए जरूरी मानते हुए अतिक्रमण हटाने, तालाबों के जीर्णोद्धार और उनके मूल स्वरूप को बनाए रखने का कड़ा आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य निर्देश:
अतिक्रमण पर रोक: तालाब, झील या पोखरों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं किया जा सकता है।

निजी उपयोग के लिए आवंटन अवैध: राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज भूमि का निजी तौर पर उपयोग या घर बनाने के लिए आवंटन पूरी तरह गलत है, चाहे वह सूख ही क्यों न गई हो।

अतिक्रमण हटाना: जिन तालाबों पर निर्माण कर लिया गया है, उन्हें तोड़ा जाना चाहिए और भूमि का कब्जा ग्राम सभा को वापस लौटाया जाना चाहिए।

संरक्षण और पुनरुद्धार: राज्य सरकार को तालाबों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार का आदेश दिया गया है, ताकि वे जल संरक्षण के काम आ सकें।

पर्यावरण संतुलन: सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि तालाब जैसे जल निकाय ‘नेचर बाउंटी’ (प्रकृति का उपहार) हैं और पारिस्थितिक संतुलन (ecological balance) बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं।
यह फैसला सुनिश्चित करता है कि सार्वजनिक जल संसाधन बने रहें और जल संकट के दौर में उनका संरक्षण हो सके।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की रायगढ़ मे खुलेआम धज्जियाँ उड़ रही हैं !!!!! शहर के दो बड़े कुख्यात कॉलोनाइजर हैं जो तालाब को पाटकर उस पर प्लॉट काटे हैं !!!!! जिला प्रशासन इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं किया !!!!!! शहर से लगे आर

आर एनर्जी के पास एक तालाब था उसको शहर के दो बड़े कालोनाइजरो नें उसे पाटकर प्लॉट काटकर बेच दिया और

जिला प्रशासन इस मामले मे कुछ भी नहीं कर सका !!!!!! इस जगह का पूरा जायजा लेकर जिला प्रशासन अभी भी तोड़ फोड़ की कार्यवाही कर सकते हैं !!!!!! और तालाब को अपने पुराने स्वरूप मे ला सकते हैं !!!!!!!

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के अगले अंक मे पढ़िए कालोनाजरों के नाम







