देखिए कैसे एक माँ रायगढ़ के एक शर्मा परिवार पर लगा रही आरोप की वो लोग ही है उनके बेटे के आत्महत्या की वजह !!!!!!!! देखिए वीडियो !!!!! प्रेम जाल मे फंसकर युवा अपने मॉ की गोद सूनी कर दुनिया को अलविदा कह दिया….. राहुल यादव नें कलिंगा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल मे लगाई फांसी….. मॉ नें रायगढ़ के शर्मा परिवार पर लगाया आरोप !!!!!!! शर्मा परिवार के लोगो नें मेरे बेटे का जीना कर रखा था हराम आत्महत्या के कुछ देर पहले लड़की के पिता का आया था फोन !!!! पुलिस की जांच के बाद ही मामले की सच्चाई आएगी सामने !!!!! फिलहाल मृतक की माता का वीडियो हो रहा वायरल !!!!!!
साकेत पाण्डेय..... 7869475276.....


मृतक राहुल यादव की माता निर्मला यादव चीख चीख कर कर रायगढ़ के शर्मा परिवार काम नाम ले रही है !!!!! !!!!!!!!!! इस मामले की तह तक जाने की जरूरत है ताकि मामले की सच्चाई सभी के सामने आये !!!!!!!
रायगढ़। सुनहरे भविष्य के सपने लेकर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर गए रायगढ़ के होनहार छात्र राहुल यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। तकनीकी शिक्षा के प्रमुख संस्थान कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के छात्रावास में बी. टेक कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र राहुल यादव (18) ने बीते रविवार देर रात फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इन्फोसिटी थाना पुलिस को राहुल का शव हॉस्टल के कमरे में सीलिंग पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस कमिश्नर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक जांच के बाद राहुल का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर कमरे को सील कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही राहुल की मां निर्मला यादव अपने पिता शांतिलाल यादव और अन्य रिश्तेदारों के साथ तत्काल भुवनेश्वर पहुंचीं। वहां
( वीडियो कलिंगा न्यूज से साभार )
पहुंचकर उन्होंने मीडिया और पुलिस को दिए बयान में पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने साफ कहा कि उनके बेटे के आत्मघाती कदम के पीछे रायगढ़ के एक शर्मा परिवार की लड़की के साथ चल रहे प्रेम संबंध और उससे जुड़े मानसिक दबाव जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई के दौरान राहुल का प्रेम संबंध कार्मल स्कूल के दिनों में शुरू हुआ और लड़की के परिवारको इसकी पूरी जानकारी थी। निर्मला यादव ने आरोप लगाया कि राहुल के भुवनेश्वर जाने के बाद लड़की के घर वाले लगातार उससे सम्पर्क बनाये रखे….मां ने हॉस्टल प्रबंधन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्होंने मानसिक रूप से परेशान बेटे पर निगरानी रखने के लिए हॉस्टल प्रबंधन से कहा कि मेरा बेटा मेंटल फ्रस्ट्रेशन में है उसे जाकर देखिए लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। मैंने कई बार कॉल किया, लेकिन मेरा फोन नहीं उठाया गया और उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। अगर प्रबंधन मेरी बात को मान लेता तो आज मेरा बेटा जिंदा होता। उन्होंने सवाल उठाया कि हॉस्टल में सीलिंग फैन लगाने पर प्रतिबंध के बावजूद क्यों लगाया गया।












