मनीष पटेल पर कब होगा FIR…..गोपाल शर्मा के पट्टे की जमीन को कैसे हड़प लिया मनीष पटेल… मनीष पटेल और उनके साथियों पर गोपाल शर्मा की ढाई एकड़ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने और कब्जा करने का आरोप है….. मनीष पटेल ने फर्जी शपथ पत्र या सरकारी दस्तावेज बनाकर जमीन बेची है, तो यह जालसाजी (Forgery) और धोखाधड़ी (Cheating) का मामला बनता है…..पीड़ित को संबंधित थाने में IPC (अब BNS) की धाराओं के तहत लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए……
साकेत पाण्डेय.... 7869475276....



गोपाल शर्मा के पट्टे की जमीन को कैसे हड़प लिया मनीष पटेल… मनीष पटेल और उनके साथियों पर गोपाल शर्मा की ढाई एकड़ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने और कब्जा करने का आरोप है….. मनीष पटेल ने फर्जी शपथ पत्र या सरकारी दस्तावेज बनाकर जमीन बेची है, तो यह जालसाजी (Forgery) और धोखाधड़ी (Cheating) का मामला बनता है…..पीड़ित को संबंधित थाने में IPC (अब BNS) की धाराओं के तहत लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए……

यह मामला रायगढ़ के धाँगरडीपा क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। आपकी रिपोर्ट के अनुसार, मनीष पटेल और उनके साथियों पर गोपाल शर्मा की ढाई एकड़ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने और कब्जा करने का आरोप है।

इस स्थिति में कानूनी और प्रशासनिक तौर पर निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं
राजस्व विभाग और सीमांकन (Revenue Department)

चूंकि मामला जमीन पर कब्जे का है, इसलिए सबसे पहले छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग के माध्यम से जमीन का सीमांकन (Demarcation) कराया जाना चाहिए। इससे आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो जाएगा कि कब्जा निजी जमीन पर है। गोपाल शर्मा को तहसीलदार कार्यालय में आवेदन देना होगा।
पुलिस और FIR की प्रक्रिया

यदि मनीष पटेल ने फर्जी शपथ पत्र या सरकारी दस्तावेज बनाकर जमीन बेची है, तो यह जालसाजी (Forgery) और धोखाधड़ी (Cheating) का मामला बनता है।
पीड़ित को संबंधित थाने में IPC (अब BNS) की धाराओं के तहत लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
यदि थाना स्तर पर FIR दर्ज नहीं होती, तो रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत की जा सकती है या छत्तीसगढ़ पुलिस पोर्टल पर जानकारी ली जा सकती है।
. नगर निगम में शिकायत

चूंकि जमीन शहर के भीतर है, इसलिए रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त को अवैध निर्माण या कब्जे की शिकायत दी जानी चाहिए। यदि वहां कोई अवैध निर्माण हो रहा है, तो निगम उसे रोकने या ढहाने की शक्ति रखता है।
बिजली कनेक्शन का मुद्दा

रिपोर्ट में जिक्र है कि बिजली कनेक्शन ट्रांसफर करने के लिए सहमति पत्र दिया गया है। गोपाल शर्मा को विद्युत विभाग (CSPDCL) को पत्र लिखकर सूचित करना चाहिए कि जिस संपत्ति के लिए कनेक्शन मांगा जा रहा है, वह विवादित है और उस पर कानूनी स्वामित्व उनका है।







