अतरमुड़ा क्षेत्र बना अतिक्रमण का गढ़…. मिश्रा गली फिर आया सुर्खियों मे….अतरमुड़ा में भी मिश्रा गली के अंत में नाला किनारे प्लॉट काटकर बेचे गए हैं। पहले बाउंड्रीवॉल बनाई गई और फिर प्लॉट बेचे गए। अब भी 25 डिसमिल जमीन बची है जिसके छोटे टुकड़े करके बेचे जा रहे हैं……इस पर कभी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं….शहर में भू-माफियाओं को किसी नियम का डर नहीं है; जो चाहे आसानी से प्लॉट काटकर बेच सकता है…….नाले के किनारे तक की जमीन पर प्लॉट बुक कर लिए गए हैं…..यहां तक कि नाले की जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है…..जमीन बेचने के काम में कई एजेंट लगे हुए हैं और जहां ये प्लॉट बेचे जा रहे हैं…….वहां न तो सड़क है और न ही पानी की व्यवस्था है……पांच डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक हटाने का सबसे बड़ा लाभ भूमाफियाओं को हुआ…
साकेत पाण्डेय... 7869475276.....


अतरमुड़ा में भी मिश्रा गली के अंत में नाला किनारे प्लॉट काटकर बेचे गए हैं। पहले बाउंड्रीवॉल बनाई गई और फिर प्लॉट बेचे गए। अब भी 25 डिसमिल जमीन बची है जिसके छोटे टुकड़े करके बेचे जा रहे हैं……इस पर कभी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं….शहर में भू-माफियाओं को किसी नियम का डर नहीं है; जो चाहे आसानी से प्लॉट काटकर बेच सकता है…….नाले के किनारे तक की जमीन पर प्लॉट बुक कर लिए गए हैं…..यहां तक कि नाले की जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है…..जमीन बेचने के काम में कई एजेंट लगे हुए हैं और जहां ये प्लॉट बेचे जा रहे हैं…….वहां न तो सड़क है और न ही पानी की व्यवस्था है……पांच डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक हटाने का सबसे बड़ा लाभ भूमाफियाओं को हुआ…..


पांच डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक हटाने का सबसे बड़ा लाभ भूमाफियाओं को हुआ। कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की सबसे बड़ी वजह भी यही है। अब भी यही काम चल रहा है। बड़े अतरमुड़ा में नाला किनारे जमीनें बिना अनुमति के बेच दी गई। अतरमुड़ा में भी मिश्रा गली के अंत

में नाला किनारे प्लॉट काटकर बेचे गए हैं। पहले बाउंड्रीवॉल बनाई गई और फिर प्लॉट बेचे गए। अब भी 25 डिसमिल जमीन बची है जिसके छोटे टुकड़े करके बेचे जा रहे हैं। इस पर कभी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं।”

शहर में भू-माफियाओं को किसी नियम का डर नहीं है; जो चाहे आसानी से प्लॉट काटकर बेच सकता है। नाले के किनारे तक की जमीन पर प्लॉट बुक कर लिए गए हैं। यहां तक कि नाले की जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। जमीन बेचने के काम में कई एजेंट लगे हुए हैं और जहां ये प्लॉट बेचे जा रहे हैं, वहां न तो सड़क है और न ही पानी की

व्यवस्था है। ” रेरा से एप्रूवल के बिना ही कॉलोनी काट दी गई। शहर में बन रही अवैध कॉलोनियां ही सुनियोजित विकास में बाधा बन रहे हैं। कृषि भूमि पर बिना किसी प्लानिंग और अनुमति के प्लॉट काटकर बेच दिए जा रहे हैं। इस पर कार्रवाई तो दूर रोक तक लगाना अफसरों के बस में नहीं है।

प्रत्येक भूमाफिया अपने पीछे किसी न किसी नेता का नाम चिपकाकर घूमता है। इसलिए अफसर भी डरकर कदम पीछे खींच लेते हैं। कांग्रेस सरकार ने पांच डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक हटा दी थी। इस वजह से भूमाफियाओं ने खेतों में बिना डायवर्सन, बिना रेरा पंजीयन के प्लॉट काटकर बेच दिए। इन अवैध कॉलोनियों में नगर निगम नल कनेक्शन दे देता है और बिजली विभाग मीटर लगा देता है। बड़े अतरमुड़ा में भी मिश्रा गली के अंत में नाला किनारे प्लॉट काटकर बेचे गए हैं। पहले बाउंड्रीवॉल बनाई गई और फिर प्लॉट बेचे गए। अब भी 25 डिसमिल जमीन बची है जिसके छोटे टुकड़े करके बेचे जा रहे हैं। इस पर कभी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं।”

शहर में भू-माफियाओं को किसी नियम का डर नहीं है; जो चाहे आसानी से प्लॉट काटकर बेच सकता है। नाले के किनारे तक की जमीन पर प्लॉट बुक कर लिए गए हैं। यहां तक कि नाले की जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। जमीन बेचने के काम में कई एजेंट लगे हुए हैं और जहां ये प्लॉट बेचे जा रहे हैं, वहां न तो सड़क है और न ही पानी की व्यवस्था है। “







