Uncategorized

ओपीजेयू का वैश्विक शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम…….ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ और नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय (यूके) के बीच एमओयू……

साकेत पाण्डेय.... 7869475276.....

News of Mirror

ओपीजेयू का वैश्विक शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम…….ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ और नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय (यूके) के बीच एमओयू……

 

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय (ओपीजेयू), रायगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय ने 4 फरवरी 2026 को यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय (नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी – NTU) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ओपीजेयू की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को और सशक्त करने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

एमओयू पर हस्ताक्षर समारोह नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय, यूके के भव्य परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही। ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार तथा धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. एम. कल्याण फनी ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।

नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय की ओर से इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर प्रो वाइस-चांसलर (रिसर्च एवं इंटरनेशनलाइज़ेशन) डॉ. रिचर्ड एम्स की उपस्थिति में संपन्न हुए। इस अवसर पर एनटीयू ग्लोबल की को-डायरेक्टर डॉ. क्लेयर न्यूस्टेड, एग्ज़ीक्यूटिव डीन (रिसर्च एवं इंटरनेशनल रेप्युटेशन) प्रोफेसर नील मैन्सफ़ील्ड तथा स्कूल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. केव गैरेथ सहित नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षाविद एवं नेतृत्वकारी अधिकारी भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने इस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के रणनीतिक महत्व और दीर्घकालिक दृष्टि को और अधिक मजबूती प्रदान की।

यह रणनीतिक एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के बीच बहुआयामी शैक्षणिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसके अंतर्गत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, संयुक्त अनुसंधान एवं पीएचडी पर्यवेक्षण, सहयोगात्मक रिसर्च प्रोजेक्ट्स, पाठ्यक्रम विकास के साथ-साथ संयुक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाओं एवं अकादमिक गतिविधियों का आयोजन शामिल है। इस सहयोग से छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक अकादमिक परिवेश में कार्य करने, अत्याधुनिक शोध से जुड़ने और अंतर-सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त करने के व्यापक अवसर मिलेंगे।

इस अवसर पर कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने कहा कि यह एमओयू ओपीजेयू को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय जैसे विश्व-प्रसिद्ध संस्थान के साथ यह सहयोग ओपीजेयू के छात्रों और संकाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी, नवोन्मेषी और प्रभावशाली बनाएगा।

डॉ. पाटीदार ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह ऐतिहासिक समझौता जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल एवं ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल की दूरदर्शी सोच, वैश्विक शैक्षणिक दृष्टिकोण और शिक्षा-केंद्रित मिशन का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि श्री नवीन जिंदल की अंतरराष्ट्रीय सोच और शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण का आधार मानने वाली प्रतिबद्धता तथा श्रीमती शालू जिंदल के सतत मार्गदर्शन, रणनीतिक सहयोग और छात्र-केंद्रित पहलों ने इस एमओयू को साकार रूप दिया है। यह नेतृत्व ओपीजेयू की अंतरराष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करने और भारतीय उच्च शिक्षा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करता है।

कुलपति ने इस उपलब्धि के लिए ओपीजेयू के सभी संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके सामूहिक प्रयासों की सराहना की। साथ ही नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय के नेतृत्व एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एनटीयू के सहयोग और विश्वास से यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

 

जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह साझेदारी ओपीजेयू की बढ़ती वैश्विक पहचान और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल ने कहा कि ओपीजेयू छात्रों के लिए वैश्विक अवसरों के द्वार खोलने, छात्र-केंद्रित अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और विश्वस्तरीय अकादमिक समुदाय से सतत जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध है।

 

यह एमओयू ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय और नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय के बीच साझा दृष्टिकोण, पारस्परिक विश्वास और अकादमिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है, जिसका दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव वैश्विक उच्च शिक्षा परिदृश्य पर पड़ेगा।

ज्ञातव्य हो कि पूंजीपथरा, रायगढ़ स्थित नैक ‘ए’ ग्रेड प्राप्त ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2014 में राज्य अधिनियम के अंतर्गत जिंदल स्टील समूह द्वारा की गई थी। विश्वविद्यालय देश-विदेश के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा और जीवंत शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित ओपीजेयू इस्पात प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में विश्वस्तरीय उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर है।


News of Mirror

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!