सत्ता रहते गारे पेलमा प्रोजेक्ट स्वीकृत करने वाली भूपेश सरकार सत्ता जाते ही कर रही विरोध… भूपेश सरकार का दोहरा चरित्र उजागर :- अरुण धर दीवान…..भूपेश बताएं गारे पेलमा प्रोजेक्ट को अनुशंसा किसकी सरकार के वक्त मिली- अरुण धर दीवान…- गारे पेलमा के लिए ग्राम सभा भी सहित पेड़ कटाई की अनुशंसा भूपेश कार्यकाल की देन…..
साकेत पाण्डेय.... 7869475276....


रायगढ़ – गारे पेलमा 2 में जंगल कटाई का विरोध करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायगढ़ आगमन पर सवालिया निशान उठाते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने कहा कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हो गया।अदाणी और भूपेश जी की मित्रता किसी से छिपी नहीं है। कांग्रेस की सत्ता रहते छत्तीसगढ़ सदन में अदाणी और भूपेश जी की मुलाकात का जिक्र करते हुए दीवान ने कहा इस चर्चा का मतलब छत्तीसगढ़ की जनता खूब समझती है। इस मुलाकात के बाद ही भूपेश सरकार में ही इस प्रोजेक्ट का मार्ग प्रशस्त हुआ । अदाणी भूपेश के मध्य हुई चर्चा का नतीजा जनता के सामने गारे पेलमा खदान के लिए भूपेश सरकार की अनुशंसा के रूप में सामने आ ही गया।
इतिहास सब कुछ याद रखता है और जनता कुछ भी नहीं भूलती, गारे पेलमा प्रोजेक्ट के लिए भूपेश सरकार के दौर में में हुए प्रयास किसी से नहीं छुपे। सत्ता रहते हुए समर्थन करने वाले भूपेश सत्ता जाते ही इस प्रोजेक्ट का विरोध करने रायगढ़ आ गए इससे कांग्रेस सरकार का दोहरा चरित्र जनता के सामने उजागर हो गया। राजनीति में भूपेश बघेल ने उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर काम कर रहे है। जिसे जनता अच्छी तरह से समझ रही है।
भूपेश बघेल की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही तमनार ने चल रहे इस प्रोजेक्ट की अनुशंसा की थी। कांग्रेस अपनी जवाबदेही से बचकर अब मिथ्या बयान बाजी कर रही है। पूरा घटनाक्रम देखे जाने पर कांग्रेस का प्रोपेगेंडा आम जनता को भली भांति समझ आ गया । 27 सितंबर 2019 के दौरान इस प्रोजेक्ट हेतु भूपेश सरकार ने ना केवल सफलतापूर्वक जन सुनवाई सम्पन्न करवाई गई अपितु 16 अक्टूबर 2019 को ही इस प्रोजेक्ट की पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु केंद्र सरकार की सहमति हेतु पत्र भी जारी कर दिया । भूपेश सरकार की अनुशंसा पर केंद्र ने 11 जुलाई 2022 को पहला एनवायरनमेंट क्लियरेंस दिया। 19 अप्रैल 2022 को फारेस्ट स्टेज – 1 क्लियरेंस की हेतु भूपेश सरकार ने अनुशंसा की और इसी अनुशंसा के आधार पर केंद्र सरकार ने 2 जून 2022 को फारेस्ट स्टेज 1 क्लियरेंस केंद्र द्वारा दिया गया। 8 अक्टूबर 2022 को ग्राम मुड़ागांव, ग्राम पंचायत सराईटोला, जनपद पंचायत तमनार में ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रोजेक्ट से संबंधित माइनिंग लीज, भू अर्जन, सीटीई, सीटीओ पर विस्तार से चर्चा की गई और इसका प्रस्ताव पारित किया गया, ग्राम सभा की कार्रवाई के दस्तावेज मौजूद है उक्त सभी कार्यवाही भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल की देन है । भूपेश सरकार यही नहीं रुकी 23 जनवरी 2023 को फारेस्ट स्टेज- 2 हेतु राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अनुशंसा की, इसके पश्चात 27 जनवरी 2023 को केंद्र द्वारा फारेस्ट स्टेज 2 क्लियरेंस दिया गया।
कांग्रेस सरकार की अनुशंसा से की गई कार्यवाही का ब्यौरा देते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने पूछा सरकार रहते निर्देश देकर अनुशंसा करने वाले भूपेश आज किस मुंह से विरोध कर रहे हैं।













