NTPC लारा प्लांट की चिमनियों से निकलने वाला ज़हरीला काला धुआं और भारी वाहनों के परिवहन से सड़कों पर उड़ती कोयला धूल स्थानियों के जीवन के साथ कर रही खिलवाड़……अवैध फ्लाईऐश डंपिंग मामले मे हमेशा सुर्खियों नें रहता हैं NTPC लारा….यहाँ का कॉल धुआँ और उड़ती धूल जनमानस के लिए खतरा बन रहा हैं…
साकेत पाण्डेय..... 7869475276....


NTPC लारा प्लांट की चिमनियों से निकलने वाला ज़हरीला काला धुआं और भारी वाहनों के परिवहन से सड़कों पर उड़ती कोयला धूल स्थानियों के जीवन के साथ कर रही खिलवाड़……अवैध फ्लाईऐश डंपिंग मामले मे हमेशा सुर्खियों नें रहता हैं NTPC लारा….यहाँ का कॉल धुआँ और उड़ती धूल जनमानस के लिए खतरा बन रहा हैं…
अधिकारियों द्वारा नियंत्रण के दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत “चीख” रही है, जहाँ काला धुआं और उड़ती धूल लोगों की साँसों के लिए ख़तरा बन गई है।
प्रमुख मुद्दे और ज़मीनी हकीकत
प्रदूषण का दोहरा प्रहार: प्लांट की चिमनियों से निकलने वाला ज़हरीला काला धुआं और भारी वाहनों के परिवहन से सड़कों पर उड़ती कोयला धूल निवासियों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है।


स्वास्थ्य और कृषि पर प्रभाव: स्थानीय लोगों में साँस लेने में कठिनाई और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं। साथ ही, धूल की परतों के कारण फसलें भी प्रभावित हो रही हैं।
अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग: रिपोर्ट में फ्लाई ऐश (राख) के अवैध डंपिंग और परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का उल्लेख है। हाल ही में (फरवरी-मार्च 2026), छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) ने अवैध डंपिंग और नियमों के उल्लंघन के लिए एनटीपीसी लारा पर ₹30.90 लाख का जुर्माना भी लगाया है।


अधिकारियों का रुख बनाम जनता का आक्रोश: जहाँ प्लांट प्रबंधन आधुनिक मशीनों और छिड़काव के ज़रिए नियंत्रण का दावा करता है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और प्रबंधन ज़मीनी समस्याओं को जानबूझकर नज़रअंदाज कर रहे हैं।
वर्तमान स्थिति (2026 फरवरी 2026 में, रायगढ़ में फ्लाई ऐश डंपिंग के मुद्दे पर राजनीतिक विरोध और सदन से वॉकआउट जैसी घटनाएँ भी हुई हैं। ग्रामीण लगातार नौकरी, पुनर्वास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की माँग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।







