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क्राइम

डा. भुवनेश्वर साहू को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन कितने और मौत का सबब बननें का न्योता दे रही है !!!!! आखिर क्यों नहीं पकड़ पा रही है इस झोलाछाप डाक्टर को पुलिस ????? क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार के पहले पोस्टमॉर्टम… पुलिस नें क्यों होने दिया ऐसा संदेह के घेरे मे है पुलिस!!!! वीडियो रिकॉर्डिंग मे भुवनेश्वर साहू ने खुद कबूल किया था कि, उनके द्वारा दिए गए इंजेक्शन के आधे घंटे बाद भोला की मृत्यु हुई है !!!!! फरार झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि पता लगाया जा सके कि उसे इंजेक्शन और दवाइयां कौन उपलब्ध कराता है ?????? जब डॉ. साहू इंजेक्शन देकर इलाज करने के लिए योग्य नहीं हैं, तो उन्हें इतनी सारी दवाइयां और इंजेक्शन कौन उपलब्ध कराता है ????? पुलिस को ऐसे डीलरों के बारे में भी पता लगाना होगा जो अवैध मौतों के इस क्लिनिक को दवाएं सप्लाई करते हैं !!!! इस मामले मे बहुत सारे सवाल उठ रहे है जैसे मामला जब संदिग्ध था तो मृतक का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया. अंतिम संस्कार की इतनी जल्दी क्या थी. . उस मोहल्ले में डॉक्टर भुवनेश्वर साहू के इंजेक्शन से अब तक आधा दर्जन लोग प्रभावित हो चुके है तो फिर इस डॉक्टर के विरुद्ध जांच तो जरूरी है !!!!!

साकेत पाण्डेय... 7869475276.....

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News of Mirror

झोलाछाप डाक्टर भुवनेश्वर साहू को आखिर इतना ढील क्यों दिया जा रहा है समझ से परे है…. क्या जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन उसके द्वारा होने वाले और कितने मौत का उसे लाइसेंस दे रहे है…. मृतक के शव का पंचनामा नहीं हुआ इस संवेदनशील मामले मे पुलिस भी

संदेह के घेरे मे है….. आखिर ऐसा डाक्टर जिसे इंजेक्शन लगाना ही नहीं आता है उसे इंजेक्शन और दवाई कौन सप्लाई कर रहा है और ये मौत का क्लीनिक किसकी सरपरस्ती मे चल रहा है…. ये प्रश्न अभी भी जिंदा है…

 

सोनिया नगर में बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से अवैध रूप से चल रही मौत की क्लिनिक के बहुचर्चित मामले में आखिर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच इतनी मंथर गति से क्यों चल रही है। बीते रविवार को झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू के द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के आधे घंटे बाद स्थानीय निवासी भोला यादव की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सोनिया नगर में हड़कंप मच गया था। और परिजनों ने भी जमकर हो हल्ला मचाया था। मृतक के घर में ही कई लोगों ने वीडियो रिकार्डिंग कर डॉक्टर साहू का बयान लिया था। जिसमें भुवनेश्वर साहू ने खुद कबूल किया था कि, उनके द्वारा दिए गए इंजेक्शन के आधे घंटे बाद भोला की मृत्यु हुई है।

डॉक्टर साहू के इस इकबालिए बयान के बाद इतना तो स्पष्ट हो गया है कि, झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू अवैध तरीके से सोनिया नगर क्षेत्र में क्लिनिक चलाकर लोगों का इलाज कर रहा है। वहां के लोगों के बताए मुताबिक डॉक्टर साहू के गलत इलाज.

मृतक के घर पर ‘करीबी दोस्त’ को बुलाकर मामले को निपटाने की कोशिश की गई। घटना वाले दिन भी पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई। अगले दिन मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और मृतक के घर पहुँची, लेकिन सुबह तक मृतक को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया जा चुका था। पुलिस श्मशान घाट भी पहुँची, लेकिन उनके पहुँचने से पहले ही दाह संस्कार हो चुका था। इस वजह से मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस बीच, यह भी चर्चा है कि ‘डॉ. साहू’ और उनके ‘करीबी दोस्त’ पोस्टमार्टम प्रक्रिया को टालने की कोशिश कर रहे थे, और आखिरकार वे इसमें कामयाब भी हो गए।

झोलाछाप डॉक्टर इंजेक्शन कहां से लाता है?

फरार झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि पता लगाया जा सके कि उसे इंजेक्शन और दवाइयां कौन उपलब्ध कराता है? जब डॉ. साहू इंजेक्शन देकर इलाज करने के लिए योग्य नहीं हैं, तो उन्हें इतनी सारी दवाइयां और इंजेक्शन कौन उपलब्ध कराता है? पुलिस को ऐसे डीलरों के बारे में भी पता लगाना होगा जो अवैध मौतों के इस क्लिनिक को दवाएं सप्लाई करते हैं।”

बताया जा रहा है कि एक बड़े दवा विक्रेता ने इस फर्जी डॉक्टर को संरक्षण दे रखा है। और इस बड़े दवा विक्रेता की साझेदारी में नेचुरोपैथी क्लिनिक में नकली इलाज का गोरखधंधा चल रहा है। इस बड़े दवा विक्रेता की अधिकांश दवाइयां इसी क्लिनिक में बेची जाती हैं। डॉ. भुवनेश्वर साहू इस बड़े डीलर की दवाइयां बिना अनुमति के अपने द्वारा संचालित क्लिनिक में बेचते हैं। यदि नेचुरोपैथी क्लिनिक पर छापा मारा जाए और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।

बताया जा रहा है कि डॉ. भुवनेश्वर साहू द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से भोला यादव की मौत के बाद यह कथित दवा विक्रेता भी डॉ. भुवनेश्वर साहू के साथ मृतक के घर पर मौजूद था। वह वहां बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे। कहा जाता है कि ड्रग डीलर ने पूरे मामले को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि नकदी और खाली चेक का खेल ड्रग डीलर के इशारे पर ही हुआ।

सीएमएचओ ने कहा कि यह बड़ा मामला है और क्लिनिक को सील कर दिया जाएगा।

सीएमएचओ अनिल जगत ने बताया कि नेचरो क्लिनिक को उनके विभाग से अनुमति नहीं मिली थी। वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. भुवनेश्वर साहू को इंजेक्शन लगाने का कोई अधिकार नहीं था। गौरतलब है कि भोला यादव की मौत इंजेक्शन लगने के बाद हुई थी। और डॉ. भुवनेश्वर साहू ने खुद मीडिया के सामने कैमरे पर इस बात को स्वीकार किया। इस बीच, सीएमएचओ ने क्लिनिक को सील करने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया गया… पुलिस अभी भी चुप है…

  1. इस पूरे मामले में अब तक पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ पाया है. घटना के बाद से डॉक्टर भुवनेश्वर साहू क्लिनिक में ताला जड़कर फरार हो गया है. घटना के दूसरे दिन कोतवाली पुलिस मृतक के घर पहुंची थी. पुलिस के पहुंचने के पहले मृतक का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके परिजन मुक्तिधाम पहुंच चुके थे. पुलिस जब मुक्तिधाम पहुंची तब तक मृतक का दाह संस्कार हो चुका था. ऐसे में पुलिस ने मुक्तिधाम में ही कुछ लोगों का बयान लिया और वापस आ गई. अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि मामला जब संदिग्ध था तो मृतक का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया. अंतिम संस्कार की इतनी जल्दी क्या थी. हो हल्ला मचाने वाले लोग इतनी जल्दी शांत क्यों हो गए. उस मोहल्ले में डॉक्टर भुवनेश्वर साहू के इंजेक्शन से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है तो फिर इस डॉक्टर के विरुद्ध जांच तो जरूरी है.

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