सिद्देश्वर नेत्रालय अघरिया सदन रुक्मणि विहार समेत 19 लोगों ने बूढी माई मंदिर ट्रस्ट के 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन को किया है कब्जा!!!!…. जिला प्रशासन इनके रसूख के आगे है नत मस्तक!!!!!..ट्रस्ट की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा था या इसकी खरीद फरोख्त हो रही थी तो क्या बूढी माई मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी अपनी आँखे क्यों मुन्दे हुए थे????… इनका रसूख क्या हमारे संविधान के नियम क़ानून से ऊपर है????? क्या इनके लिये राजस्व विभाग मे अलग नियम क़ानून है अगर है तो वो सार्वजनिक किये जाये ताकि कोई भी ट्रस्ट की जमीन का फायदा उठा सके????
साकेत पाण्डेय..... 7869475276....

सिद्देश्वर नेत्रालय अघरिया सदन रुक्मणि विहार समेत 19 लोगों ने बूढी माई मंदिर ट्रस्ट के 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन को किया है कब्जा!!!!…. जिला प्रशासन इनके रसूख के आगे है नत मस्तक!!!!!..ट्रस्ट की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा था या इसकी खरीद फरोख्त हो रही थी तो क्या बूढी माई मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी अपनी आँखे क्यों मुन्दे हुए थे????… इनका रसूख क्या हमारे संविधान के नियम क़ानून से ऊपर है????? क्या इनके लिये राजस्व विभाग मे अलग नियम क़ानून है अगर है तो वो सार्वजनिक किये जाये ताकि कोई भी ट्रस्ट की जमीन का फायदा उठा सके????
आज से लगभग दो वर्ष पूर्व कोतरा रोड बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन का सीमांकन करीब एक महीने तक चला । सीमांकन पूरा हुआ!!!आरआई (राजस्व निरीक्षक) और पटवारी (भू अभिलेख अधिकारी) इसकी रिपोर्ट तहसीलदार (राजस्व अधिकारी) को सौंपें या नहीं ये तो यही लोग जाने!!! सीमांकन का निचोड़ यह आया की

ट्रस्ट के पास 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 22 लोगों ने कब्जा कर रखा है!!!! 22 लोगों को औपचारिक नोटिस जारी कर उपस्थित होने को कहा गया। ट्रस्ट की जमीन के बड़े हिस्से में सिद्देश्वर नेत्रालय , रुक्मणी विहार कॉलोनी की सड़क, अस्पताल और अघरिया सदन का हिस्सा है और ओवरब्रिज से रेलवे क्रॉसिंग के बीच 20 झोपड़ियां बनी हैंका अतिक्रमण पाया गया!!!!!

इस दौरान जब तत्कालीन आरआई और पटवारियों की टीम सीमांकन करने पहुंची तो उन्होंने पंचनामा रिपोर्ट में ट्रस्ट की जमीन पर पिछले मामलों और वैध रिकॉर्ड का जिक्र किया। उन्हें इसे भी पंचनामा में शामिल करने को कहा गया, लेकिन आरआई और पटवारी ने कहा कि वे इसकी विस्तृत रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपेंगे!!!!मंदिर ट्रस्ट के पास 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 22 लोगों ने कब्जा कर रखा है!!!!!
कौन सा अद्भुत नियम है सिद्देश्वर नेत्रालय अगरिया सदन रुक्मणि विहार समेत इन 19 लोगों के पास??????

हमारे भारतीय संविधान से भी परे ऐसा कौन सा नियम क़ानून जो सिद्देश्वर नेत्रालय अघरिया सदन रुक्मणि विहार समेत 19 अन्य लोगो को मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर अतिक्रमण करने या इसका खरीद फरोख्त करने की इजाजत देता है????? इस अतिक्रमण के दौरान जितने भी ट्रस्ट के पदाधिकारी है सभी से माकूल जवाब तलब किया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो!!!!













सिद्देश्वर नेत्रालय अघरिया सदन रुक्मणि विहार समेत 19 लोगों ने बूढी माई मंदिर ट्रस्ट के 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन को किया है कब्जा!!!!…. जिला प्रशासन इनके रसूख के आगे है नत मस्तक!!!!!..ट्रस्ट की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा था या इसकी खरीद फरोख्त हो रही थी तो क्या बूढी माई मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी अपनी आँखे क्यों मुन्दे हुए थे????… इनका रसूख क्या हमारे संविधान के नियम क़ानून से ऊपर है????? क्या इनके लिये राजस्व विभाग मे अलग नियम क़ानून है अगर है तो वो सार्वजनिक किये जाये ताकि कोई भी ट्रस्ट की जमीन का फायदा उठा सके????