गढ़उमरिया मे भूमाफियाओ का आतंक !!!!!! NH से लगकर सवा दो एकड़ भूमि का प्लॉटिंग किया नक्शा भू माफ़िया द्वारा बाजार में घुमाया जा रहा है !!!!!! यहाँ पर जमीन खरीदने वाले खरीददादर होंगे बाद मे परेशान !!!!!!! भूमाफियाओ का एक दल इस कार्य मे लिप्त है !!!!!!!!जिला प्रशासन कोई भी पहल नहीं कर सकता ???????? पटवारियों से सांठ गाँठ कर मूल नक़्शे ने छेड़ छाड़ से भी बाज नहीं आते है वो भी आदिवासी जमीन पर !!!!!!
साकेत पाण्डेय.... 7869475276....

गढ़उमरिया मे भूमाफियाओ कर आतंक !!!!!! NH से लगकर सवा दो एकड़ भूमि का प्लॉटिंग किया नक्शा भू माफ़िया द्वारा बाजार में घुमाया जा रहा है !!!!!! यहाँ पर जमीन खरीदने वाले खरीददादर होंगे बाद मे परेशान !!!!!!! भूमाफियाओ कर एक दल इस कार्य मे 
लिप्त है !!!!!!!!जिला प्रशासन कोई भी पहल नहीं कर सकता ???????? पटवारियों से सांठ गाँठ कर मूल नक़्शे ने छेड़ छाड़ से भी बाज नहीं आते है वो भी आदिवासी जमीन पर भी !!!!!!
भूमाफियाओ कर एक बड़ा दल गढ़उमरिया के नेशनल हाइवे मे बुरी तरह सक्रिय है !!!! जिले मे सर्वत्र फ़ैल गए है ये भू माफिया। इनकी सत्ता मे पकड़..रसूख… और धनबल के समक्ष सभी नत मस्तक है… पटवारी आर आई इनके इशारो मे नाचते है शासन की कम इनकी ड्यूटी ज्यादा बजाते नजर आते है!!!! बिना प्रशासनिक सहयोग के ये कार्य सम्भव नहीं है!!!!!!
खोजो ग्राहक खोजो,भू माफ़िया की अपील, मोटी मिलेगी दलाली..मूल नक्शे में छेड़छाड़ कर आदिवासी भूमि को छिपाया, छोड़े गए रास्ते में दफ़नाया.. ग्राम गढ़उमरिया में पटवारी की मिलीभगत से रायगढ़ के कुख्यात भू माफ़िया का नया प्रोजेक्ट बाजार में हुआ लॉन्च…. अवैध प्लॉटिंग के लिए तैयार नक्शा.. ग्राम गढ़उमरिया में NH से लगकर सवा दो एकड़ भूमि का प्लॉटिंग किया नक्शा भू माफ़िया द्वारा बाजार में घुमाया जा रहा है… भविष्य में खरीदारों को उठानी पड़ सकती है परेशानी..

एक ओर सरकार अवैध प्लॉटिंग, अतिक्रमण और ज़मीन माफिया पर सख्त कार्रवाई की बात करती है, दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत उससे कोसों दूर नजर आती है। रायगढ़ ज़िले के गढ़ उमरिया गांव में चल रही अवैध प्लॉटिंग इसका ज्वलंत उदाहरण है, जहां न केवल नक्शे में आदिवासी भूमि से छेड़छाड़ की गई है, बल्कि राजस्व विभाग की संदिग्ध भूमिका ने पूरे मामले को आपराधिक बना दिया है।
उड़ीसा NH मार्ग से लगी ग्राम गढ़ उमरिया की सवा दो एकड़ जमीन को छोटे टुकड़ों में बेचने तैयार किया गया नक्शा…
यह मामला सिर्फ जमीन की अवैध बिक्री का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और आदिवासी अधिकारों के हनन का है। जिन ज़मीनों की बिक्री पर कानूनन रोक है, उन्हें नक्शे में छेड़छाड़ कर आम ज़मीन के रूप में प्रस्तुत करना न सिर्फ आपराधिक कृत्य है, बल्कि यह दर्शाता है कि जमीन माफियाओं और राजस्व कर्मियों की मिलीभगत किस स्तर तक पहुंच चुकी है।

गढ़ उमरिया में लगभग सवा दो एकड़ भूमि को अवैध रूप से प्लॉट में बदल कर बेचा जा रहा है। नक्शा बना कर कुख्यात जमीन दलालों को भू माफ़िया द्वारा सौंप दिया गया है और वे दलाल ग्राहकों को गुमराह कर रहे हैं और मोटी दलाली वसूल रहे हैं। यहां तक कि नक्शे में यह दर्शाया जा रहा है कि भूमि मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है — और शायद उसकी शह पर।







