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उठाबो फोन.. सुनबो बात.. होही रायगढ़ के विकास के स्लोगन और 21 सूत्रीय घोषणा पत्र के साथ निर्दलीय महापौर प्रत्याशी जेठूराम मनहर जायेंगे जनता के बीच… पूरी तैयारी के साथ उतर रहे है चुनावी रण मे गिलास छाप सिंबॉल के साथ…. पत्रकार वार्ता मे जेठूराम ने कहा बीजेपी रायगढ़ के लिए पढ़ा लिखा महापौर क्यों नहीं उतारी…. अगर जीते तो संजय काम्पलेक्स. रामलीला मैदान करबला तालाब का होगा उद्धार और महापौर के शासकीय वाहन को छोड़कर अपनी स्कूटी मे जनता के बीच पहुंचेंगे…..

साकेत पाण्डेय.... 7869475276.....

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रायगढ़ के प्रथम महापौर रहे जेठूराम मनहर कांग्रेस से कन्नी काटने के बाद अबकी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर महापौर चुनाव लड़ रहे हैं। कांच के गिलास छाप से किस्मत आजमा रहे जेठूराम ने 21 सूत्रीय घोषणा पत्र जारी करते हुए प्रेसवार्ता में दावा किया कि वे भाजपा के डमी कैंडिडेट नहीं है, बल्कि अपने दम पर सियासी महासंग्राम के कूदे हैं। उन्होंने दावा भी किया कि जनता उन्हें दोबारा मेयर बनाएगी तो वे सरकारी चार पहिया वाहन ने नहीं, बल्कि स्कूटी में ही घूमकर जनसेवा करेंगे।

 

 

शहर के होटल जिंदल रीजेंसी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जेठूराम मनहर ने कहा कि मुझे अपने रायगढ़ के विकास की चिंता है। इसलिए निर्दलीय उम्मीदवार की हैसियत से चुनावी अखाड़े में पूरे दम खम के साथ आया ताकि रायगढ़ के विकास को नया दिशा, नया आयाम दे सकूं। उन्होंने कहा कि 4 पहिया गाड़ी में बैठकर जो मेयर घूमता है, उस भावना के दूर करने चुनाव लड़ूंगा। मेयर बनूंगा तो स्कूटी से ही घूमूंगा, 4 पहिया वाहन नहीं लूंगा।

 

 

जेठूराम ने आगे कहा कि अपने चुनावी पम्पलेट में बार कोड जारी करूंगा, जिसमें पब्लिक 2 से 10 रुपये डाले ताकि मुझे याद रहे कि उनका नमक खाया हूं। जनता के बीच जाकर अपनी भावना को बताऊंगा। मैं भाजपा का डमी कैंडिडेट नहीं। मैं अपनी निष्ठा के लिए माना जाता हूँ। मुझे कोई नहीं झुका सकता। मेरी पुरानी कार्यशैली ही मुझे विजय दिलाने का आधार बनेगी। मैंने वो दौर भी देखा, जब रायगढ़ की जनता एक किन्नर को जब महापौर बना सकती है तो मुझे क्यों नहीं। मैं भाजपा का सिपाही नहीं बन सकता।

 

यही नहीं, जेठूराम ने दावा किया कि वार्ड नंबर 3 और 4 में निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज कराएंगे। मैं पत्रकारों का हितैषी हूं। निगम में कलम नवीसों का जो भी काम हो उसे प्राथमिकता दूंगा। मैं महापौर था तो विद्युत मंडल से शुल्क वसूल लेता था, पर अब हालात विपरीत है। करबला तालाब की तकदीर संवारने की दिशा में बेहद सक्रिय रहूंगा, चाहे कोर्ट तक जाना पड़े।


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