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अदाणी फाउंडेशन के पशुधन विकास कार्यक्रमों से 373 किसानों के 5000 से अधिक पशुओं को मिल रहा लाभ……. पशु स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर में पशुओं का उपचार और मुफ्त दवा का किया वितरण…… सात डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 342 किसानों ने भाग लिया 400 से ज्यादा कृत्रिम गर्भाधान भी किए गए…..

साकेत पाण्डेय..... 7869475276

News of Mirror

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के तहत अक्टूबर में, अदाणी फाउंडेशन ने पुसौर विकासखंड के गांवों में विभिन्न पशु स्वास्थ्य जांच और उपचार शिविरों के साथ-साथ डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया। किसानों को उन्नत नस्लों के पशुओं के जन्म और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रशिक्षित भी किया गया। अदाणी पॉवर लिमिटेड, रायगढ़ के सामाजिक सरोकारों के तहत अदाणी फाउंडेशन ने पशुधन विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

अक्टूबर माह में आयोजित कुल पाँच पशु स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर और सात डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित हुए। जिसमें कुल 373 पशुपालक किसानों के 1605 बड़े पशुओं जैसे गाय/बैल और 3885 बकरीयों तथा भेड़ों जैसे छोटे पशुओं सहित कुल 5490 पशुओं का उपचार और मुफ्त दवा वितरण किया गया।

इसके साथ ही, सात डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम में, 342 किसानों ने भाग लिया। इन शिविरों का उद्देश्य न केवल पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करना था, बल्कि किसानों को पशु प्रबंधन की बेहतरीन तकनीकों से भी अवगत कराना था। इसके अलावा चारा प्रबंधन के तहत, छह परिधीय गांवों के 38 पशुपालकों को 200 किलोग्राम झुनगा और 100 किलोग्राम बाजरा का वितरण किया गया।

इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टर चंद्रशेखर पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किसानों के सहयोग के लिए एआई टेक्नीशियन और पशु सखी की नियुक्ति भी की गई। इस प्रयास से स्थानीय किसानों में उम्मीद जगी है कि वे आधुनिक तकनीकों और सेवाओं के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

वहीं अदाणी फाउंडेशन द्वारा क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि हेतु उन्नत नस्ल के पशुओं के लिए के बायफ संस्था के सहयोग से कुल 459 कृत्रिम गर्भाधान किए गए । अदाणी फाउंडेशन का यह प्रयास पशुपालकों के लिए एक नया आयाम खोल रहा है, जो ग्रामीण विकास और दुग्ध उत्पादन में एक नई दिशा दे सकता है।

पशु स्वास्थ्य और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, ग्राम रुचिदा के भरत लाल साहू और हिराधर पटेल सहित कई किसानों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि “यह कार्यक्रम हमारे लिए एक उम्मीद की किरण है। उन्नत नस्लों के विकास और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से न केवल हमारी आय में वृद्धि होगी, बल्कि हमारे पशुधन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।”

अदाणी फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें पशुधन विकास के नवीनतम तरीकों से अवगत कराना है। बायफ संस्था के साथ मिलकर हम इस कार्यक्रम को सफल बना रहे हैं, और भविष्य में भी हम किसानों के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।”

अदाणी समूह के अदाणी फाउंडेशन द्वारा रायगढ़ जिले के पुसौर और तमनार प्रखण्ड में ग्रामीण ढांचागत विकास में किए गए प्रयास ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने, टिकाऊ प्रथा को बढ़ावा देने और पूरे अञ्चल में समावेशी विकास की एक प्रभावी पहल है। इसके साथ ही अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक और संरचनात्मक ढांचागत स्थिरता को बढ़ाने में मदद तो मिल ही रही है। साथ ही इन कार्यों ने समाज में भी विभिन्न स्तरों पर लोगों को प्रभावित


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