ओपीजेयू में वृक्षारोपण कर किया गया नूतनवर्षाभिनन्दन…..वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारे भविष्य के लिए एक सशक्त निवेश है। हर पौधा जो हम आज रोप रहे हैं, वह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, समृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का उपहार देगा। हमें यह स्वीकार करना होगा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही सच्चे विकास की ओर पहला कदम है।” -डॉ आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओपीजेयू…….
साकेत पाण्डेय.... 7869475276....

ओपीजेयू में वृक्षारोपण कर किया गया नूतनवर्षाभिनन्दन…..वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारे भविष्य के लिए एक सशक्त निवेश है। हर पौधा जो हम आज रोप रहे हैं, वह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, समृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का उपहार देगा। हमें यह स्वीकार करना होगा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही सच्चे विकास की ओर पहला कदम है।” -डॉ आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओपीजेयू)
ओ. पी. जिंदल विश्वविद्यालय रायगढ़ में नववर्ष के आरम्भ का जश्न इस बार वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ मनाया गया। नववर्ष 2025 के प्रथम दिन आज विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें लगभग 250 पौधे विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए। नूतनवर्षाभिनन्दन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, सभी

प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आर. डी. पाटीदार ने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को नववर्ष की शुभकामनाएं दिया और कहा की नववर्ष का पहला दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दृढ़ करने का दिन है। वृक्षारोपण से न केवल हमारी प्रकृति की रक्षा होती है, बल्कि यह हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वस्थ जीवन का अवसर भी प्रदान करता है। वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारे भविष्य के लिए एक सशक्त निवेश है। हर पौधा जो हम आज रोप रहे हैं, वह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, समृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का उपहार देगा। हमें यह स्वीकार करना होगा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही सच्चे विकास की ओर पहला कदम है। सभी से अपील करते हुए उन्होंने कहा की आइए, इस नूतनवर्ष में हम सभी मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपने कर्तव्यों का पालन करें और पृथ्वी को हरा-भरा बनाने के लिए एक दृढ़ कदम उठाएं। डॉ पाटीदार ने बताया की कुछ दिनों पूर्व ही ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को “यूआई ग्रीनमेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024” में अभूतपूर्व प्रदर्शन के साथ निजी विश्वविद्यालयों में छत्तीसगढ़ में प्रथम, राष्ट्रीयस्तर पर 15वां और विश्वस्तर पर 432 वां स्थान प्राप्त हुआ है। ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय ने वैश्विक ग्रीन मेट्रिक यूनिवर्सिटी रैंकिंग में प्रमुख स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल किया है, जो की सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति

विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। विश्वविद्यालय द्वारा केवल परिसर में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के माध्यम से गोद ग्रामों में भी वृक्षारोपण किया जाता है। आने वाले महीनों में इसी तरह के और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सके और पर्यावरण संरक्षण किया जा सके।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अनुराग विजयवर्गीय ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दिया और वृक्षारोपण की आवश्यकता के बारे में बात करते हुए कहा की आज के समय में प्रदूषण, वनस्पति का विनाश, जलवायु परिवर्तन और अन्य मानवजनित गतिविधियाँ पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे उत्पन्न कर रही हैं। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक आपदाएँ, जैसे सूखा, बाढ़, चक्रवात और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियाँ बढ़ रही हैं। इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना और इसे संतुलित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे द्वारा किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण की रक्षा में बड़ा योगदान कर सकते हैं।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के इस सफल आयोजन से नूतनवर्ष की शुरुआत ने सबको पर्यावरण के महत्व के प्रति और अधिक जागरूक किया, साथ ही यह संदेश भी दिया कि वृक्षारोपण से हम अपने भविष्य को संजीवनी दे सकते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी डीन्स, विभागाध्यक्ष, सेंटर डायरेक्टर्स, प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़ -चढ़ कर अपनी सहभागिता निभाई।












ओपीजेयू में वृक्षारोपण कर किया गया नूतनवर्षाभिनन्दन…..वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारे भविष्य के लिए एक सशक्त निवेश है। हर पौधा जो हम आज रोप रहे हैं, वह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, समृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का उपहार देगा। हमें यह स्वीकार करना होगा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही सच्चे विकास की ओर पहला कदम है।” -डॉ आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओपीजेयू)