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बीस लाख के लगभग आँकी जा रही वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स पर बनने वाले अवैध दुकानों की कीमत….. इस क्षेत्र में यही वजह है कि छोटा मंझला बड़ा भू माफिया और कॉलोनाइजर इस खेल में रचा बसा है… प्रशासनिक चढ़ावा चढ़ाने के बाद ये कुछ भी कर सकते है….

साकेत पाण्डेय.... 7869475276....

News of Mirror

 

सूत्रों कि माने तो मेडिकल कॉलेज मार्ग.. शेमरोक मैरिज गार्डन के सामने वीआई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के पास जो दुकाने बन रही है उनकी सेलिंग वैल्यू लगभग 20 लाख आँकी गई है यही वजह है है की इस गोरखधंधे में सभी लिप्त होना चाहते है… प्रशासनिक अधिकारी इस वजह से कार्यवाही नहीं करते क्योंकि उनका हिस्सा उनके पास आसानी से पहुँच जाता है। एक दुकान अगर बीस लाख में बिकेगी तो कौन नहीं चाहेगा यहाँ बिना अनुमति अवैध निर्माण करना….

अतर मुड़ा टीवी मेडिकल कॉलेज मार्ग टी वी टावर का क्षेत्र ऐसा है जहाँ पर प्रशासनिक उदासीनता के चलते भू माफियाओ के हौसले और भी बुलंद हो रहे है। कही पर भी ये लोग निर्माण कार्य करके किराये का खेल करने में माहिर हो रहे है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी के संज्ञान में उक्त दोनों मामलो की जानकारी उन्हें दी गई है उनका कहना है की दीपावली के बाद जाँच कराएँगे और अवैध पाए जाने ओर कार्यवाही भी ताबड़तोड़ होंगी।

इधर वी आई पी सिटी के डायरेक्टर प्रमोद अग्रवाल भी न्यूज ऑफ़ मिरर में खबर लगने के उपरांत अवैध निर्माण स्थल पर पहुंचे और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मिली जानकारी के अनुसार वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के पास और शेमरोक मैरिज गार्डन के पास  सड़क  की जमीन पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से प्रारम्भ है नगर निगम और जिला प्रशासन इस मामले में कोई भी संज्ञान नहीं ले रहा है।

 

 

 

अतरमुड़ा क्षेत्र में दुकान बनाने का ट्रेंड चल पड़ा है। आदिवासी जमीन, सड़क की जमीन, कोटवार की जमीन किसी भी जमीन को भूमाफिया नहीं बख्श रहे है।

 

पहला मामला है अतर मुड़ा मेडिकल कॉलेज मार्ग के वी आई पी सिटी के इंट्रेन्स के पास का है जो बहुत ही शानदार बन रहा है और उसके इंट्रेन्स के ठीक बाये साइड ये निर्माण कार्य हो रहा है। सूत्रों की माने तो इस जगह निर्माण कार्य की अनुमति भी नहीं ली गई है। दुकान खोलकर उसे किराये पर चलाने का इस क्षेत्र में नया ट्रेंड चल पड़ा है जिसका सभी पालन कर रहे है।

 

दूसरा मामला है शेमरोक मैरिज गार्डन के ठीक सामने आधा दर्जन दुकान बनाने की पूरी तैयारी हो गई है इस पर ना तो नगर निगम की और ना ही जिला प्रशासन को इससे कोई सरोकार है। अगर अभी इस मामले की जाँच नहीं हुई तो इस पूरे क्षेत्र में दुकान का निर्माण हो जायेगा।

जिला प्रशासन और नगर निगम इन दोनों ही क्षेत्र में जाँच तो कर ही सकती है।

अगर ये निर्माण कार्य अवैध हुए तो निगम और राजस्व विभाग को राजस्व की प्राप्ति हो जाएगी। अगर कोई भी कार्यवाही नहीं होती तो इनके हौंसले चरम

 

पर पहुंच जायेंगे oऔर यहाँ इस तरह के निर्माण की बाढ़ आ जाएगी। वैसे भी इस क्षेत्र में भू माफियाओ की गिद्ध नजर किसी भी जमीन को निगलने चौबीस में अड़तालीस घंटे कमर कसकर तैयार रहते है।


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