15 दिसम्बर को होगा बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट का सीमांकन — देवेंद्र पांडेय … क्या होगा सिद्देश्वर नेत्रालय रुक्मणि विहार अघरिया सदन समेत क्या होगा 23 लोगो का जिनको अतिक्रमण का नोटिस मिला है…… यहाँ कर कार्यवाही सिद्देश्वर नेत्रालय अघरिया सदन और रुक्मणि विहार की वजह से प्रभावित है ….. देवेंद्र पाण्डेय नें की कलेक्टर से शिकायत बूढ़ी माई मंदिर सीमांकन मामले मे….आरोप लगाया की इनकी देर सबेरी से अब भू माफिया कॉलोनाइजर को मिल रहा है मौका…. सिद्देश्वर नेत्रालय.. अघरिया सदन… रुक्मणि विहार और अन्य सभी अतिक्रमणकारी ले ले सांस…. फिर होगा न्याय बूढ़ी माई का….. जितने भी जमीन खरीद फरोख्त हुए है सबका हिसाब होगा…. इस बार भी अगर नहीं हुआ सीमांकन तो समझना पड़ेगा दाल मे कुछ काला है….
साकेत पाण्डेय.... 7869475276....

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बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष देवेंद्र पाण्डेय नें जानकारी देते हुए बताया कि बहूप्रतिक्षित बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन का सीमांकन 15 दिसम्बर निर्धारित हुआ है। तहसीलदार शिव डानसेना से बात हुई है उन्होंने बताया की सभी RI पटवारियों को सूचना दे दी गई है। 15 दिसंबर को होगा यहाँ का सीमांकन…. सिद्देश्वर नेत्रालय रुक्मणि विहार अघरिया सदन समेत अन्य 23 लोगो का अब क्या होगा….
तात्कालीन तहसीलदार ने 26 लोगों को सीमांकन का नोटिस भेजा था। इसमें शिवकुमार नायक, प्रहलाद पटेल, रोहित महंत, गोपाल कृष्ण जलतारे, दामोदर खेतान, बालकृष्ण जलतारे, अशोक शर्मा, आराधना नायक, अशोक अग्रवाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि, अघरिया सदन, प्रणामी मंदिर, सिद्धेश्वर नेत्रालय, जलतारे होटल, मार्बल दुकान, साहू इलेक्ट्रिकल, सुनील दत्त शर्मा, साहेबराम पटेल, रसिकलाल पांडे, कन्हैयालाल यादव, रामवृक्ष जायसवाल, गांधीराम डनसेना, बंशीधर साहू, दुलीचंद, राजेश गोपाल, किरण देवी और आयुक्त नगर निगम को नोटिस भेजा गया था।
बुढी मां मंदिर ट्रस्ट की भूमि खसरा नम्बर- 25/1 को वर्तमान राजस्व अभिलेख से संबंधित राजस्व अधिकारियों के द्वारा जानबुझ कर विलोपित कर दिये जाने एवं ट्रस्ट की भूमि का सीमांकन नहीं किये जाने के संबंध में शिकायत.मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र पाण्डेय नें जिला कलेक्टर से शिकायत की है बुढी मां मंदिर ट्रस्ट रायगढ़ के हक अधिकार एवं स्वामित्व तथा कब्जे की कृषि भूमि ग्राम दरोगामुडा पटवारी हल्का नम्बर-22 राजस्व निरीक्षक मण्डल बैकुंठपुर तहसील व जिला रायगढ छ०ग० में खसरा नम्बर- 24/1, 25/1, 36, 37, 52, रकबा क्रमशः 0.462 हेक्टेयर, 1.970 हे०, 0.360 हे०, 0.150 हे०, 0.012 हेक्टेयर स्थित है.
यह कि उक्त भूमि के खसरा नम्बर 25/1 को वर्तमान राजस्व अभिलेख (कम्प्युटर भुईया शाखा) से संबंधित राजस्व अधिकारियों के द्वारा भू-माफियों के साथ मिलकर सांठगांठ कर उन्हें अवैध लाभ पहुंचाने के उददेश्य से मंदिर ट्रस्ट की उक्त भूमि खसरा नम्बर- 25/1 एवं उसके रकबा एवं नक्शे को राजस्व अभिलेख नक्शा ( कम्प्युटर भूईया शाखा ) से विलोपित कर दिया गया है जिसके कारण उक्त भूमि पर कई लोग अवैध अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर रहे है.
माननीय न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर रायगढ़ के पुनरीक्षण प्रक.क. 2023050421000011/85/अ-12/2022-23 में दिनांक 26.06.2023 के परिपालन में मां बुढी मां मंदिर ट्रस्ट की भूमि का माननीय तहसीलदार महोदय के द्वारा सीमांकन करने हेतु अपने पत्र क्रमांक- 9168/तह./2025 रायगढ दिनांक 29.10.2025 को उक्त भूमि का सीमांकन राजस्व अधिकारियों के संयुक्त दल से कराये जाने का आदेश पारित किया गया है परन्तु अपरिहार्य कारणों से आज दिनांक तक राजस्व अधिकारियों के द्वारा मंदिर ट्रस्ट के भूमियों का सीमांकन का कार्य नहीं किया गया है. जिससे यह प्रतीत होता है कि संबंधित राजस्व अधिकारियों के द्वारा भू-माफियाओं से सांठगांठ कर अवैध लाभ प्राप्त मंदिर के भूमि पर भू-माफियाओं को अवैध अतिक्रमण करने हेतु प्रोत्साहित किया जाकर जिसके संबंध में आवश्यक जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही किया जावे.अतः माननीय महोदय से निवेदन है कि आवेदन पत्र आवश्यक जांच दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें.
SIR का काम खत्म होते ही बूढ़ी माई मंदिर के सीमांकन का कार्य चालू होगा… ट्रस्ट के देवेंद्र पाण्डेय नें बताया की तहसीलदार और sdm दोनों से बात हुई है…. 4 तारीख तक SIR का खत्म हो जायेगा…..
बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन के सीमांकन के लिए तहसीलदार शिव डानसेना नें अपने RI पटवारियों को 17 नवम्बर क यहाँ के सीमांकन के लिए कहा था पर कल 17 तारीख है कोई भी सुगबुगाहट नहीं दिखाई दी…. आखिर वो कौन सा दबाव है राजनैतिक.. रसूखदार या आर्थिक जिसकी वजह से रस्व विभाग इस ओर पहल नहीं करना चाह रही है… 17 तारीख तक सीमांकन ना होने की वजह से मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय नें कलेक्टर को पत्र लिखने की बात कही हो…
तहसीलदार शिव डनसेना नें आज राजस्व निरीक्षक विकरण उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक, खेमराज पटेल, राजस्व निरीक्षक, अशोक साहू, राजस्व निरीक्षक, बोईरदादर. जयश्री केशरवानी, राजस्व निरीक्षक, दरोगामुड़ा. नवीन पटेल, हल्का पवारी, दरोगामुढ़ा. रामभजन सास्थी, हल्का पटवारी, बांजीनपाली.शुक्ल प्रधान, हल्का पटवारी, बैकुंठपुर. भूपेन्द्र मिरी, हल्का पटवारी, मिट्टूमुड़ा को आदेशित किया है की
पक्षकार श्री बूढ़ी मां देवी, प्रबंधक कलेक्टर रायन और से ट्रस्टी ओमप्रकाश पटेल आ.स्व. जीवधन पटेल वि. छ.ग. शासन में पारित आदेश दिनांक 26/06/2023 में तहसीलदार रायगढ़ द्वारा सीमांकन प्रतिवेदन आदेश दिनांक 08/05/2023 विधिसंगा होने से खारिज किया जाकर पुनरीक्षणकर्ता का पुनरीक्षण आवेदक आंशिक रूप से स्वीकार करते हुये 24/1, 25/1, 36, 37, 52 रकबा कमशः 0.462 हे., 1.970 हे., 0.360 हे., 0.150 हे., 0.012 है के संबंध में छ.ग.भू-राजस्व संहिता की धारा-129 में दिये गये प्रावधानों के तहत सीमांकन कराये जाने का आदेश पारित किया गया है।
अतः आपको आदेशित किया जाता है कि आप ग्राम दरोगामुड़ा तहसील व जिला रायगढ़ (छ.ग.) में स्थित भूमि असरा नंबर 24/1, 25/1, 36, 37, 52 रकबा कमशः 0.462 हे., 1.970 हे., 0.360 हे., 0.150 हे., 0.012 हे. का मौके पर उपस्थित होकर अन्य भूमिस्वामियो की उपनि सीमांकन कर सीमांकन प्रतिवेदन मय फिल्ड बुक के आगामी नियत दिनांक 17 नवम्बर 2025 को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
नगर की कुल देवी बूढ़ी माई मंदिर के ट्रस्ट के करोड़ों रूपए की जमीन पर हुए बेजाकब्जा को खाली नहीं कराया जा सका है। ट्रस्ट की मांग पर पूर्व में प्रशासनिक टीम द्वारा जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमणकारियों की सूची तो बना ली गई थी लेकिन किसका कितना कब्जा है, यह आज तक पता नहीं लगा पाई

तात्कालीन तहसीलदार ने 26 लोगों को सीमांकन का नोटिस भेजा था। इसमें शिवकुमार नायक, प्रहलाद पटेल, रोहित महंत, गोपाल कृष्ण जलतारे, दामोदर खेतान, बालकृष्ण जलतारे, अशोक शर्मा, आराधना नायक, अशोक अग्रवाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि, अघरिया सदन, प्रणामी मंदिर, सिद्धेश्वर नेत्रालय, जलतारे होटल, मार्बल दुकान, साहू इलेक्ट्रिकल, सुनील दत्त शर्मा, साहेबराम पटेल, रसिकलाल पांडे, कन्हैयालाल यादव, रामवृक्ष जायसवाल, गांधीराम डनसेना, बंशीधर साहू, दुलीचंद, राजेश गोपाल, किरण देवी और आयुक्त नगर निगम को नोटिस भेजा गया था।

बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट के नाम पर करीब 7.36 एकड़ जमीन बताई जा रही है। मौके पर सबकुछ स्पष्ट नजर आता है। इतनी बड़ी जमीन के अंदर कई लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं। सिद्धेश्वर नेत्रालय का हिस्सा..अघरिया सदन तो पूरी तरह उसी जमीन पर निर्मित है। रुक्मणि विहार जाने के लिए जो रोड बनाई गई है, वह भी ट्रस्ट की जमीन पर ही है। कई दुकानें और मकान भी ट्रस्ट की ही जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए हैं।
बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जे प्रमाणित हैं, लेकिन कार्रवाई जीरो है। कई बार सीमांकन के बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी दिए गए। लेकिन कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध ली गई। जमीनों पर अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाला राजस्व विभाग यहां भी खेल कर गया। बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट कोतरा रोड की जमीन पर कई लोगों ने कब्जा कर निर्माण कर लिया। कॉलोनी, अस्पताल सबकुछ बन गया। जब शिकायत हुई तो सीमांकन किया गया। आरआई और पटवारियों की टीम ने जमीन का सीमांकन किया है। मंदिर ट्रस्ट की करीब साढ़े सात एकड़ जमीन पर किसने कितना कब्जा किया है, इसका पता भी चल गया।
ओवरब्रिज से लेकर प्रणामी मंदिर के बीच जितने भी निर्माण हैं, सभी ट्रस्ट की जमीन पर हैं। ट्रस्ट की ओर से ओमप्रकाश पटेल ने सीमांकन व जांच का आवेदन किया था। इसके बाद तहसीलदार रायगढ़ ने पूरी जमीन का विस्तृत सीमांकन करने का आदेश पारित किया था। आरआई मनोज पटेल, नंदराम पटेल, रागिनी साव, पूजा पटेल, पटवारी मनहरण देवांगन, श्रीनिवास पटेल और अनिल राम ने नापजोख की थी। रेलवे फाटक से नक्शा मिलान किया गया। खसरा नंबर 24/1, 25/1, 36, 37 और 52 कुल रकबा 3.065 हे. की सीमा का चिह्नांकन कर लिया गया है।
रायगढ़ में औद्योगीकरण के कारण बढ़ती आबादी के साथ ही जमीन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। वहीं जमीन की मांग को देखते हुए भू-माफिया भी लंबे समय से सक्रिय है। शहर में अधिकांश खाली जमीन पर या तो कोई भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर उसे किसी अन्य को बेच दिया जा रहा है या फिर रसूखदार अपनी जमीन में निर्माण करने के दौरान उससे लगी आस पास की जमीन पर भी कब्जा कर लिये हैं। कुछ इसी तरह का मामला शहर के बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन का भी है।
बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की लगभग 8 एकड़ जमीन मंदिर से लेकर कोतरा रोड रेल्वे क्रासिंग तक है जिसमें वर्तमान में लगभग पूरी जमीन पर कब्जा हो गया है। रसूखदारों व भू-माफियाओं की बात तो छोडिय़े प्रशासन ने भी बिना जांच पड़ताल किये ही कोतरा रोड थाना का निर्माण भी ट्रस्ट की जमीन पर ही कर दिया है। पॉश इलाके की इस बेशकीमती जमीन पर कालोनी, हास्पिटल, मकान व शो-रूम इत्यादि बन गये हैं।
सीमांकन हुआ लेकिन आधा अधूरा

बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की ओर से पूर्व में जिला प्रशासन को पत्र लिख कर जमीन का सीमांकन कराने व कब्जा खाली करवाने की मांग की गई थी। इस पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए सीमांकन की कार्रवाई अवश्य कराई लेकिन जांच आधी अधूरी ही रह गई थी। प्रशासनिक टीम की जांच में यह बात तो स्पष्ट हो गई थी कि जमीन बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की है जिसमें कई लोगों द्वारा अंतिक्रमण कर मकान, कालोनी हास्पिटल इत्यादि का निर्माण कर लिया है, लेकिन किसने कितनी जमीन पर कब्जा किया है इस बात की जांच नहीं हो पाई थी। वहीं अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद भी बेजाकब्जा धारियों को जमीन से बेदखल कर ट्रस्ट को कब्जा नहीं दिलाया जा सका था। ऐसे में कब्जाधारी बचा निर्माण भी पूरा कर लिये र्हैं।







