WhatsApp Image 2025-08-11 at 1.25.45 PM
previous arrow
next arrow
Uncategorized

सिंघानिया के जमीन पर बेरीवाल का कब्जा….पूरा मामला शहर के कोतरा रोड चूना भट्टा का है. जहां नटवर बेरीवाल एंड परिवार ने फर्जी नामांतरण के जरिये सिंघानिया परिवार के नाम से दर्ज जमीन को अपने नाम कर लिया रहस्यमय तरीके से हुआ फर्जीवाड़ा….

साकेत पाण्डेय... 7869475276....

WhatsApp Image 2026-01-07 at 3.07.06 PM
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2025-08-11 at 1.25.45 PM
previous arrow
next arrow
News of Mirror



रायगढ़. जिला मुख्यालय रायगढ़ में 60 करोड़ के जमीन घोटाले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पूरा मामला शहर के कोतरा रोड चूना भट्टा का है. जहां नटवर बेरीवाल एंड परिवार ने फर्जी नामांतरण के जरिये सिंघानिया परिवार के नाम से दर्ज जमीन को अपने नाम कर लिया था. जबकि इस मामले में नजूल अधिकारी से लेकर एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई पूरी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बेरीवाल परिवार द्वारा कराया गया नामांतरण पूरी तरह से फर्जी है. तत्कालीन एसडीएम न्यायालय भी बकायदा उक्त जमीन से बेरीवाल परिवार का नाम काटकर सिंघानिया परिवार का नाम पूर्व की भांति 1995-96 की स्थिति में दर्ज करने के आदेश पारित कर चुका है. क्योंकि जमीन के फर्जीवाड़े में शामिल बेरीवाल परिवार अब तक इस मामले में कोई भी दस्तावेज सक्षम न्यायालय में पेश नहीं कर पाये हैं. यह पूरा मामला लगभग 20 साल पुराना बताया जा रहा है.

तहसीलदार, एसडीएम और नजूल अधिकारी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने भी आदेश पारित किया कि उक्त जमीन के नामांतरण का कोई रिकार्ड शासकीय दस्तावेजों में नहीं है। अतः भूस्वामी सिंघानिया परिवार उचित न्यायालय में आवेदन कर अपनी जमीन को वापस पा सकता है। जिसके पश्चत सिंघानिया परिवार ने एसडीएम न्यायालय में संपूर्ण केस प्रस्तुत किया और जमीन अपने नाम करने की मांग की ! मगर वहां भी नटवर बेरीवाल एंड परिवार ने केस को विलंबित करने और न्यायालय को गुमराह करने के लिए अनेक प्रकार के हथकंडे अपनाये लेकिन अंततः तत्कालीन एसडीएम भागवत जायसवाल ने अपने आदेश में बेरीवाल परिवार का नाम काटकर सिंघानिया परिवार का नाम जोड़ने के आदेश दिये और जमीन का रिकार्ड सिंघानिया परिवार के नाम 1995-96 की स्थिति में पूर्व की तरह करने के आदेश दिये।

 

  1. इतना सब होने के बाद भी नटवर बेरीवाल एंड परिवार इस मामले को राजस्व मंडल लेकर चला गया मगर वहां भी अब तक वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। सिर्फ और सिर्फ प्रकरण को लंबा खिंचने की कोशिश की जा रही है। वर्तमान में बेरीवाल परिवार की ओर से अधिवक्ता ओमप्रकाश बेरीवाल के देहांत के बाद उनके बेटे तरुण बेरीवाल तो  स्वर्गीय पूनम चंद्र अग्रवाल की ओर से उनके बेटे डॉ. मनीष बेरीवाल, राजेश अग्रवाल इस जमीन पर अपना दावा ठोक रहे हैं। बता दें कि ऐसे मामलों में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अथवा सक्षम न्यायालय चाहें तो मामले में संलिप्त घोटाले बाजों के खिलाफ धोखाधड़ी की वांछित धारा के तहत विधिसम्मत कानूनी कार्यवाही भी दर्ज करा सकता है। सिर्फ भूमि स्वामियों को सतर्क करना है कि जो जमीन आज उनके नाम से दर्ज हैं, जालसाजों के फर्जीवाड़े के कारण किसी दूसरे के नाम न चढ़ जाये। इसलिए समय-समय पर सतर्कता बरतें और अपनी जमीन संबंधी अपने खातों की जांच कराते रहें। क्योंकि जब से रायगढ़ में जमीनों के दाम बढ़े हैं तब से इस तरह के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है

 

शहर के सिंघानिया परिवार के पास कोटरा रोड पर 4 एकड़ 62 डिसमिल पुश्तैनी जमीन है। मार्च 2012 में, उन्होंने उक्त भूमि को रेड कार्पेट बिल्डर को बेचने का सौदा किया! हालांकि, 1995-96 में बिक्री की नकल निकालते समय उन्हें पता चला कि उनके खाते में केवल 3 एकड़ 32 डिसमिल जमीन ही दर्ज है और डेढ़ एकड़ जमीन किसी और के नाम पर स्थानांतरित कर दी गई है। ऐसे में जब उन्होंने तहसील कार्यालय से अपनी जमीन से संबंधित ब्यौरा निकलवाया तो पता चला कि उक्त जमीन नटवर बेरीवाल व परिवार के नाम पर दर्ज हो चुकी है, जबकि सिंघानिया परिवार का कहना है कि बेरीवाल परिवार के साथ उनका कभी कोई रेंट एग्रीमेंट या सेल डीड नहीं हुआ। ऐसे में जब यह पूरा मामला तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया के पास पहुंचा तो उन्होंने मामले की जांच के लिए तत्कालीन नजूल अधिकारी एके धृतलहरे को विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया।जिसके बाद नजूल अधिकारी, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिंघानिया परिवार और बेरीवाल परिवार को अपने-अपने जमीन संबंधी दस्तावेज और रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने का नोटिस जारी किया। मामले की सुनवाई के दौरान तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि सिंघानिया परिवार की जमीन के दाखिल खारिज का कोई मामला या रिकार्ड तहसील कार्यालय में नहीं है।


News of Mirror
WhatsApp Image 2025-08-11 at 1.25.45 PM
previous arrow
next arrow

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!