संजय काम्पलेक्स की दुकाने उप किरायेदारी प्रथा से कब होंगी मुक्त????? यहाँ के दुकान मालिक नगर निगम को लगा रहे है प्रति माह लाखों रुपये का चूना…. पिछले तीन दशक से एक बार भी नहीं हुई इन पर कार्यवाही…. निगम को 500 रूपये भी प्रति माह जमा नहीं करते और अपने किरायेदारों से वसूलते है 10 हजार से भी अधिक….
साकेत पाण्डेय... 7869475276....

नगर निगम पुरानी हटरी पर कार्यवाही करने से क्यों कोताही बरत रहा है ये तो भगवान ही जाने.. पर पिछले तीन दशक से भी अधिक समय से नगर निगम के संजय काम्पलेक्स में उप किरायेदारी प्रथा हावी है जो अभी तक लाइलाज साबित हुई है. नगर निगम के संजय काम्पलेक्स की दुकानों के वास्तविक मालिक अपनी दुकानों को नहीं चलाकर किसी अन्य व्यक्ति को किराये में देकर मनमाना किराया वसूल रहे है. लोग तो यहां तक भी कह रहे है कि ये सब नगर निगम के राजस्व विभाग के सरपरसती में चल रहा है।

संजय काम्पलेक्स के दुकानों के असली मालिक नगर निगम को 500 रुपये जमा कर रहे है लेकिन अपने स्वामित्व वाले दुकानों से 10 हजार से भी अधिक किराया वसूल रहे है। ये सब जानकारी नगर निगम के राजस्व विभाग की जानकारी में है। इसके बावजूद नगर निगम इस जगह पर कोई भी कार्यवाही नहीं करता है। 60 फीसदी से भी अधिक दुकान उप किरायेदारी प्रथा की भेंट चढ़ चुका है।
नगर निगम के नाक के नीचे हो रहा है उप किरायेदारी प्रथा कक काला खेल

नगर निगम के नाक के नीचे उप किरायेदारी प्रथा का काला खेल निरंतर चल रहा है और नगर निगम इस पर कोई भी एक्शन लेने के मूड में कभी भी नहीं दिखा। उप किरायेदारी प्रथा की वजह से नगर निगम को प्रति माह लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है।













