वी आई पी सिटी कॉलोनी के मुख्य मार्ग के इंट्रेन्स के बांयी ओर जो निर्माण हो रखी है उसका मुख्य खिलाडी जल्द ही होगा सभी के सामने… रामकुमार राठिया के द्वारा नहीं बल्कि किसी बड़े कालोनाइजर का है ये काला खेल…. जिला प्रशासन अगर शिद्द्त से जाँच करें तो उसे खुद पता चल जायेगा…. ग्राम पंचायत की अनुमति भी नहीं दिखा पाए पटवारी को…..अब SDM सर का क्या रुख होगा…
साकेत पाण्डेय.... 7869475276


आखिर कौन है वो शख्स जो वी आई पी सिटी कॉलोनी के अतरमुड़ाके मुख्य मार्ग के इंट्रेन्स के बायीं ओर पर आलीशान दुकाने बनवा रहा है…. क्योंकि जिसकी जमीन पर ये कंस्ट्रकशन हो रहा है उसका नाम रामकुमार राठिया है उसके जमीन का नंबर 117/2 है। सूत्रों की मानें तो इस जमीन के मालिक की माली हालत अच्छी नहीं है इसके बावजूद वो पांच दुकान का निर्माण करवा रहा है। अब इसके पीछे किसका हाथ है न्यूज ऑफ़ मिरर को पता चल गया है लेकिन ये काम अगर जिला प्रशासन के मार्फ़त हो तो ज्यादा अच्छा है। एक दुकान की कीमत लगभग 20 लाख रूपये आँकी गई है यहाँ के तथाकथित कालोनाइजर द्वारा। तीन बड़ी और दो छोटी दुकाने यहाँ पर निर्माणाधीन है। वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स

के बायी ओर यह कारनामा बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना निर्माणाधीन है। अब तो जिला प्रशासन इसमें कार्यवाही कर ही सकती है। पटवारी तुलसी रात्रे ने उक्त जानकारी देते हुए यह भी बताया की ग्राम पंचायत की अनुमति का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये है। उस मायने में यह निर्माण स्वतः अवैध की श्रेणी में आ जाता है।
आज वी आई पी सिटी कॉलोनी जाने के मुख्य मार्ग से लगे टर्निंग पर बन रहे दुकान जिनका ना तो ग्राम पंचायत से अनुमति ली गई और ना अन्य औपचारिकता को पूरी की गई है उस भूमि की जाँच करने पटवारी तुलसी रात्रे पहुंचे और संबंधित व्यक्ति जो यहाँ निर्माण कर रहा है उसका नाम रामकुमार बताया जा रहा है वो ही निर्माण कर कर रहा है। उसके सारे रिकार्ड को तहसील कार्यालय मंगाया गया है। बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के दुकान का निर्माण करवाना इसके बस की तो बात नहीं है इसके पीछे कौन है इसका खुलासा जल्द ही न्यूज ऑफ़ मिरर में किया जायेगा। पटवारी तुलसी रात्रे ने न्यूज ऑफ़ मिरर को बताया की इसके सभी रिकार्ड की जाँच की जाएगी इसे रिकार्ड समेत तहसील कार्यालय बुलाया गया है। ग्राम पंचायत की अनुमति नही है।
वी आई पी कॉलोनी के इंट्रेन्स के बगल में मुख्य मार्ग से लगे जिस जगह पर दुकान का अवैध निर्माण हो रहा उसकी कोई भी परमिशन ग्राम पंचायत बड़े अतरमुड़ा से नहीं ली गई है। सरपंच हीरा लाल खड़िया से जब न्यूज ऑफ़ मिरर ने बात की तो उनका कहना था की हमसे इस बाबत कोई भी परमिशन नहीं ली गई है। इससे स्पष्ट परिलक्षित है कि जो भी यहाँ पर निर्माण कार्य कर रहा है वो अवैध है। इसी तरह अन्य जगहों पर भी यही काला खेल चल रहा है।
सूत्रों कि माने तो मेडिकल कॉलेज मार्ग.. शेमरोक मैरिज गार्डन के सामने वीआई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के पास जो दुकाने बन रही है उनकी सेलिंग वैल्यू लगभग 20 लाख आँकी गई है यही वजह है है की इस गोरखधंधे में सभी लिप्त होना चाहते है…
प्रशासनिक अधिकारी इस वजह से कार्यवाही नहीं करते क्योंकि उनका हिस्सा उनके पास आसानी से पहुँच जाता है। एक दुकान अगर बीस लाख में बिकेगी तो कौन नहीं चाहेगा यहाँ बिना अनुमति अवैध निर्माण करना….अतर मुड़ा टीवी मेडिकल कॉलेज मार्ग टी वी टावर का क्षेत्र ऐसा है जहाँ पर प्रशासनिक उदासीनता के चलते भू माफियाओ के हौसले और भी बुलंद हो रहे है। कही पर भी ये लोग निर्माण कार्य करके किराये का खेल करने में माहिर हो रहे है।
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी के संज्ञान में उक्त दोनों मामलो की जानकारी उन्हें दी गई है उनका कहना है की दीपावली के बाद जाँच कराएँगे और अवैध पाए जाने ओर कार्यवाही भी ताबड़तोड़ होंगी। इधर वी आई पी सिटी के डायरेक्टर प्रमोद अग्रवाल भी न्यूज ऑफ़ मिरर में खबर लगने के उपरांत अवैध निर्माण स्थल पर पहुंचे और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मिली जानकारी के अनुसार वी आई पी सिटी कॉलोनी के इंट्रेन्स के पास और शेमरोक मैरिज गार्डन के पास सड़क की जमीन पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से प्रारम्भ है नगर निगम और जिला प्रशासन इस मामले में कोई भी संज्ञान नहीं ले रहा है। अतरमुड़ा क्षेत्र में दुकान बनाने का ट्रेंड चल पड़ा है। आदिवासी जमीन, सड़क की जमीन, कोटवार की जमीन किसी भी जमीन को भूमाफिया नहीं बख्श रहे है।
यह मामला है अतर मुड़ा मेडिकल कॉलेज मार्ग के वी आई पी सिटी के इंट्रेन्स के पास का है जो बहुत ही शानदार बन रहा है और उसके इंट्रेन्स के ठीक बाये साइड ये निर्माण कार्य हो रहा है। सूत्रों की माने तो इस जगह निर्माण कार्य की अनुमति भी नहीं ली गई है। दुकान खोलकर उसे किराये पर चलाने का इस क्षेत्र में नया ट्रेंड चल पड़ा है जिसका सभी पालन कर रहे है।
अगर ये निर्माण कार्य अवैध हुए तो निगम और राजस्व विभाग को राजस्व की प्राप्ति हो जाएगी। अगर कोई भी कार्यवाही नहीं होती तो इनके हौंसले चरम
पर पहुंच जायेंगे और यहाँ इस तरह के निर्माण की बाढ़ आ जाएगी। वैसे भी इस क्षेत्र में भू माफियाओ की गिद्ध नजर किसी भी जमीन को निगलने चौबीस में अड़तालीस घंटे कमर कसकर तैयार रहते है।












